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उन्नाव में स्कूल से घर लौट रहे 6 बच्चों पर पागल कुत्ते का हमला, लहूलुहान हुए मासूम, गांव में मची चीख-पुकार

Published: Fri, 23 Oct 2026 11:28 PM (IST)

उन्नाव के हिलौली गांव में एक पागल कुत्ते ने स्कूल से लौट रहे छह बच्चों पर हमला कर उन्हें घायल ...और पढ़ें

कुत्ते के हमले से घायल मान्या, काव्या और रियांश। जागरण

कुत्ते के हमले से घायल मान्या, काव्या और रियांश। जागरण

HighLights

  1. स्कूल से लौट रहे छह बच्चों पर कुत्ते का हमला

  2. घायल बच्चों को पीएचसी में एंटी-रैबीज टीका लगा

  3. ग्रामीणों ने आवारा कुत्तों के आतंक से निजात की मांग की

संवाद सूत्र, मौरावां(उन्नाव)।  मौरावां क्षेत्र के हिलौली गांव में शुक्रवार को पागल कुत्ते ने स्कूल से लौटते समय बच्चों पर हमला कर दिया। इसके बाद एक-एक कर छह बच्चों को लहूलुहान कर दिया। घटना के बाद गांव में खलबली मच गई। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और उन्हें कुत्ते ने से बचाया। स्वजन घायल बच्चों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) लेकर पहुंचे, यहां डाक्टर ने सभी का उपचार किया। इसके बाद सभी बच्चों को एंटी रैबीज टीका लगाया गया।


हिलौली गांव के बच्चे शुक्रवार को स्कूल से पढ़ाई करके वापस घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में एक पागल कुत्ते ने उन पर हमला कर दिया। हमले में छह बच्चे घायल हो गए। घायलों में पिंकू की तीन वर्षीय बेटी मान्या, अनिल की चार वर्षीय बेटी काव्या, मोनू का पांच वर्षीय बेटा चकोर, संजय का पांच वर्षीय बेटा रियांश, बृजेश का पांच वर्षीय बेटा रिषभ और श्रीचंद का 14 वर्षीय बेटा अंकुश शामिल हैं।

बच्चों के घायल होने की जानकारी मिलते ही स्वजन मौके पर पहुंचे। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए पीएचसी ले गए। चिकित्सकों ने बच्चों के घावों का उपचार करने के साथ ही एंटी रैबीज टीका लगाया, ताकि रैबीज संक्रमण के खतरे से बचाव किया जा सके। घटना के बाद ग्रामीणों ने कुत्ते ने को पकड़ने का प्रयास किया। लाठी-डंडे लेकर ग्रामीण उसके पीछे दौड़े, लेकिन वह खेतों की ओर भाग गया, और फिर दिखाई नहीं दिया। एक साथ छह बच्चों पर हमले की घटना से ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामीणों ने आवारा कुत्तों के आतंक से निजात दिलाने के की मांग की।

ब्लाक स्तर से कुत्ते ने पकड़ने की कोई भी व्यवस्था नहीं है। कई शिकायतें आई है। उच्चाधिकारियों को जानकारी दी जाएगी। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
- धीरेंद्र यादव, एडीओ पंचायत

 


पूर्व में हो चुकी हैं घटनाएं


केस एक- कुत्ते के झुंड ने बच्चे नोचा था, हुई थी मौत

सात मई 2025 को अजगैन कोतवाली के गुरुसहाय खेड़ा गांव निवासी हेमराज लोधी का बड़ा बेटा ऋषभ उर्फ गोलू (9) गांव के ही प्राथमिक स्कूल में कक्षा तीन का छात्र था। वह अपने बाबा राजाराम के साथ खेत गया था। गर्मी लगने पर वह तालाब की ओर आ रहा था। तभी रास्ते में 10 से 12 कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया था। पैर, पेट और गर्दन में कुत्तों के नोचने से वह गंभीर हो गया। काफी देर तक गोलू तालाब के पास पड़ा छटपटाता रहा। कुछ देर बाद खेत जा रहे अन्य ग्रामीणों ने गोलू को खून में लथपथ देखा तो खेत में काम कर रहे उसके बाबा को सूचना दी थी। बाबा, पौत्र को लेकर आनन-फानन सीएचसी पहुंचा जहां डाक्टर ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया था।

केस दो- एक दिन में 37 लोगों को कुत्ते ने ने किया था घायल

सफीपुर कस्बे में छह सितंबर 2024 को 12 से अधिक मोहल्लों में एक पागल कुत्ते ने ने एक के बाद एक 37 लोगों को अपना शिकार बनाया था। इससे लोग दहशत में आकर घरों में कैद हो गए थे। लेकिन कुत्ते ने को बुजुर्ग, नौजवान और बच्चा जो भी बाहर मिला, उसने दबोचकर लहूलुहान कर दिया था।

केस तीन- ईओ को दिया था शिकायती पत्र

नौ सितंबर 2024 को बांगरमऊ के मोहल्ला भटपुरी निवासी राशिद, ताहिर, सईद, अभिषेक आदि ने नगर पालिका ईओ को शिकायती पत्र दिया था। इसमें उन्होंने बताया था कि हुसैनी चौक से लेकर भटपूरी मोहल्ले में स्थित एक विद्यालय तक आवारा कुत्तों का समूह घूमा करता है। ये आए दिन किसी न किसी को दबोच लेते हैं। इससे लोग घायल हो रहें है। वहीं बच्चे स्कूल तक नहीं जा पा रहे हैं। लेकिन इस मामले पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

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