Unnao News: त्योहारों पर मिठास में मिलावट का खेल! स्टार्च, मैदा और सूजी मिलाकर बना रहे नकली खोवा, इस तरह करें पहचान
उन्नाव में त्योहारों के दौरान नकली खोवा और पनीर का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है, जिसमें स्टार्च, मैदा और ...और पढ़ें

ये तस्वीर एआई जनरेटेड है।
HighLights
नकली खोवा बनाने में स्टार्च, मैदा और सूजी का उपयोग
पनीर में यूरिया, डिटर्जेंट मिलाकर बनाया जा रहा है
खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल
जागरण संवाददाता, उन्नाव। उन्नाव में नकली पनीर और खोवा बनाने का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। मिलावटखोरों पर खाद्य सुरक्षा विभाग की प्रभावी कार्रवाई न होने से लोगों की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार खोवे का वजन और गाढ़ापन बढ़ाने के लिए इसमें आलू का स्टार्च, मैदा, सिंघाड़े का आटा या सूजी मिला दी जाती है।
असली दूध के फैट (घी) को निकालकर उसकी जगह घटिया क्वालिटी का पाम आयल या वनस्पति घी मिला दिया जाता है ताकि वह चिकना दिखे। पनीर बनाने के लिए असली दूध की जगह यूरिया, डिटर्जेंट और पानी से बने नकली या सिंथेटिक दूध का इस्तेमाल किया जाता है।
दूध को जल्दी फाड़ने और पनीर को ज्यादा सफेद व चमकदार बनाने के लिए डिटर्जेंट और सल्फ्यूरिक एसिड जैसे रसायनों का सहारा लिया जाता है। कम लागत में ज्यादा पनीर बनाने के लिए घटिया मिल्क पाउडर या स्टार्च मिक्स कर दुकानों पर लंबे मिलावटी पनीर और खोवा तैयार कर बिक्री की जा रही है, लेकिन नियमित नमूना न लिए जाने से इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हों पा रही है।
शहर में ऐसी लगभग 50 से अधिक दुकानें संचालित हैं, जहां पनीर और खोवा की बिक्री होती है। इनमें कुछ स्थानों पर मिलावटी सामग्री तैयार किए जाने की भी शिकायतें हैं। नमूना लेने की प्रक्रिया प्रभावी न होने से मिलावट की पुष्टि प्रयोगशाला जांच में नहीं हों पाती।
नतीजा यह है कि न नमूना फेल होता है और न ही संबंधित दुकानदार पर कार्रवाई हों पाती है। त्योहारों के दौरान दूध से बनने वाले खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। इसी का फायदा उठाकर मिलावटखोर सक्रिय हों जाते हैं। कम लागत में तैयार किया गया नकली पनीर और खोवा बाजार में असली उत्पाद के नाम पर खपाया जाता है।
ऐसे करें घर पर पनीर की जांच
पनीर के एक टुकड़े को पांच मिनट तक गर्म पानी में उबाल लें, इसके बाद उसको ठंडा कर लें। इसके बाद टुकड़े पर आयोडिन टिंचर की दो से तीन बूंद डालें, अगर पनीर का रंग काला, नीला या भूरा हो जाता है तो वह मिलावटी है।
पनीर के छोटे टुकड़े पर नींबू का रस डालें, अगर वह फट जाए और पानी छोड़े तो असली है, अगर ऐसा न हो तो वह मिलावटी पनीर है।
अभियान चलाकर खाद्य पदार्थों की जांच की जा रही है। जहां कमी मिल रही है, वहां पर कार्रवाई भी की जा रही है। त्योहार पर लोगों को शुद्ध खाद्य पदार्थ उपलब्ध हों, इसका पूरा ध्यान दिया जा रहा है।
प्रियंका सिंह, सहायक आयुक्त खाद्य
यह भी पढ़ें- Ramleela: शोभन सरकार की एक सीख और बदल गई इस युवा की जिंदगी..उन्नाव की रामलीला में छाया LLB छात्र का 'राम अवतार'
