6400 करोड़ की लागत और पहली ही बारिश में खुली पोल, उन्नाव में 22 किमी तक 18 स्थानों धंसा गंगा एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन
गंगा एक्सप्रेसवे की उन्नाव सीमा में 22 किलोमीटर तक सर्विस लेन 18 स्थानों पर धंस गई है, जिससे निर्माण मानकों ...और पढ़ें
-1783262935222_m.webp)
दही क्षेत्र के अजैया खेड़ा गांव के पास धंसी गंगा एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन व शहजादपुर गांव के पास भार वाहनों को जाने से रोकने के लिए सर्विस लाइन पर रखा गया पत्थर। जागरण
HighLights
बिछिया क्षेत्र के औद्योगिक गलियारा सरांय कटियान के पास से सफीपुर तक आई है सर्विस लेन धंसनें की समस्या
जनपद में 105 किमी है गंगा एक्सप्रेसवे का क्षेत्र, उन्नाव के क्षेत्र में निर्माण पर आई है 6400 करोड़ की लागत
दिन व रात के अंधेरे में क्षतिग्रस्त सर्विस लेन को सही कराने का काम शुरू, पत्थर लगाकर रोका गया आवागमन
जागरण संवाददाता, उन्नाव। उन्नाव में 105 किमी के गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) क्षेत्र में बिछिया से सफीपुर तक लगभग 22 किमी तक एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन कई स्थानों पर धंस गई है। सर्विस लेन के धंसने की समस्या लगभग 18 स्थानों पर आई है। जिसके बाद एक बार फिर गंगा एक्सप्रेस वे के निर्माण मानकों पर सवाल खड़े हो गए हैं। गंगा एक्सप्रेस वे की सर्विस लेन पर यह समस्या
397 से लेकर 419 किमी के बीच पाई जा रही है। वहीं समस्या से अवगत हाेते हुए गंगा एक्सप्रेस वे की निर्माण एजेंसी पटेल इंफ्रास्ट्रक्चर के इंजीनियरों ने मरम्मतीकरण शुरू करवा दिया है। मरम्मतीकरण के लिए सर्विस लेन पर आवागमन बंद करने को पत्थर लगाकर रास्ता रोका गया है। जिससे सर्विस लेन पर चलने वाले क्षेत्रीय ग्रामीण यातायात व किसानों को समस्या हो रही है।
भार वाहनों को बताया जिम्मेदार
प्रयागराज से मेरठ तक बनाए गए गंगा एक्सप्रेस वे के किनारे बनी सर्विस लेन भी अब किलोमीटर 397 से लेकर 419 के बीच कई जगह धंस गई। जिसकी वजह कार्यदाई संस्था के लोग के भार वाहनों का सर्विस लेन से निकलना बता रहे हैं तो वहीं ग्रामीण निर्माण में खामियों पर इशारा कर रहे हैं।
यहां पर धंसी रोड
ग्रामीणों का कहना है कि रोड निर्माण के लिए अधिक मिट्टी भरान तो हुआ लेकिन सही तरीके से रोलर चलकर उसे ठोस नहीं किया गया। यही वजह है कि पहली बारिश में ही सर्विस रोड जगह-जगह धंसने लगी। दही क्षेत्र के शहजादपुर से लेकर सफीपुर तक गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे बनाई गई सर्विस लेन किलोमीटर संख्या 419, 410, 408, 405, 400, 397 आदि पर कई जगह धंसी है।
चार पहिया व भारी वाहनों को सर्विस लेन पर जाने से रोका
अजगैन के अजैया खेड़ा के पास पत्थर लगाकर चार पहिया व भार वाहनों को सर्विस लेन पर जाने से रोक दिया गया। कार्यदाई संस्था ने पुलिस को भी सड़क धंसने व मरम्मतीकरण के लिए सहयोग मांगा है। पुलिस को अवगत करवाते हुए मांग की है कि जो भी भार वाहन सर्विस लेन पर नजर आए उन पर कार्रवाई की जाए।
23 फरवरी को आठ मीटर तक धंस गया था एक्सप्रेसवे का मुख्य मार्ग
बिछिया क्षेत्र में औद्योगिक गलियारा स्थल सरायं कटियान गांव के पास 23 फरवरी को गंगा एक्सप्रेस वे की करीब आठ मीटर डामरीकृत मुख्य सड़क पूरी तरह से धंस गई थी। मरम्मत के दौरान जब इस क्षतिग्रस्त रोड को उखड़वाया गया था तो उसके नीचे से करीब आधा सैकड़ा सीमेंट की बोरियां निकली थीं। तब प्रकाशित खबर में जागरण ने इशारा किया था कि इस प्रकार की गड़बड़ी कितनी जगह हुई है, इसका भी खुलासा कभी न कभी होगा ही। तब भी स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि मार्ग निर्माण में जमकर लापरवाही बरती गई। बसहा झील की काली मिट्टी एक्सप्रेस वे के रोड निर्माण में डाली गई जो गुणवत्ता के अनुसार नहीं पड़नी चाहिए थी।
जनपद में 105 किमी पर खर्च हुए हैं 6400 करोड़
गंगा एक्सप्रेस वे परियोजना की 594 किमी तक जहां कुल लागत लगभग 36,500 करोड़ रुपये है। वहीं उन्नाव में 105 किमी पर निर्माण के लिए लगभग 6400 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।इसमें 625 करोड़ रुपये 1354 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण पर खर्च हुआ है।
शुक्रवार को धंसी थी सात मीटर रोड बारिश में बह गई थी मिट्टी
दही क्षेत्र में शुक्रवार को बशीरतगंज के पास गंगा एक्सप्रेसवे पर सोनिक टोल से कानपुर लखनऊ हाईवे के यातायात को जोड़ने वाली लगभग सात मीटर रोड पहली बारिश में ही बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। एक्सप्रेसवे के किनारे मिट्टी रोकने के लिए मानक के अनुसार कहीं कार्य नहीं हुआ। यही वजह रही कि रोड क्षतिग्रस्त हो रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 29 अप्रैल 2026 को हरदोई जिले से गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन (लोकार्पण) किया था। एक्सप्रेसवे निर्माण के समय ही दैनिक जागरण ने इस प्रकार की आशंका व्यक्त की थी।
बोले जिम्मेदार
वहीं पटेल इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रोजेक्ट मैनेजर सतीश सिंह ने बताया कि सर्विस लेन लोकल लोगों के लिए बनाई गई है न कि भार वाहन गुजरने के लिए। बावजूद टोल टैक्स बचाने के लिए शहर के सैकड़ों भार वाहन प्रतिदिन सोनिक से हरदोई तक इसी सर्विस लेन से गुजर रहे हैं। जिससे उन्हें टोल देने की भी जरूरत नहीं पड़ती और गंगा एक्सप्रेस वे की सर्विस लेन का मुफ्त सफर भी करने को मिल रहा है। इसी के चलते कई जगह पर सर्विस लेन क्षतिग्रस्त हुई। जिसकी मरम्मत करवाई जा रही है।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।