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Ganga Expressway: पहली बारिश में गंगा एक्सप्रेसवे की लिंक रोड क्षतिग्रस्त, उद्घाटन के दो महीने बाद ही सामने आई खामियां

Published: Fri, 03 Jul 2026 10:09 PM (IST)

गंगा एक्सप्रेसवे को सोनिक टोल से जोड़ने वाली लगभग सात मीटर सड़क पहली बारिश में ही क्षतिग्रस्त हो गई। उद्घाटन ...और पढ़ें

सोनिक टोल प्लाजा के पास गंगा एक्सप्रेसवे पर पहली बारिश में छतिग्रस्त हुई सड़क की मरम्मत कराते कार्यदाई संस्था के अधिकारी व कर्मचारी। जागरण

सोनिक टोल प्लाजा के पास गंगा एक्सप्रेसवे पर पहली बारिश में छतिग्रस्त हुई सड़क की मरम्मत कराते कार्यदाई संस्था के अधिकारी व कर्मचारी। जागरण

HighLights

  1. सोनिक टोल से गंगा एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाली सात मीटर रोड बारिश में मिट्टी बहने से हुई क्षतिग्रस्त

  2. लोकार्पण से पहले भी मार्ग पर सर्विस लेन से सड़क तक आई थी टूटने, धंसने और मिट्टी बहने की समस्याएं

संवाद सूत्र, बिछिया (उन्नाव)। दही क्षेत्र में शुक्रवार को बशीरतगंज के पास से निकल रहे गंगा एक्सप्रेसवे पर सोनिक टोल से कानपुर लखनऊ हाईवे के यातायात को जोड़ने वाली लगभग सात मीटर रोड पहली बारिश में ही बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। जानकार बताते हैं कि एक्सप्रेसवे के किनारे मिट्टी रोकने के लिए मानक के अनुसार कहीं कार्य नहीं हुआ यही वजह है कि रोड क्षतिग्रस्त हो रही है। गुणवत्ता ठीक न होने के चलते मार्ग क्षतिग्रस्त होने की लोगों में चर्चा रही।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 29 अप्रैल 2026 को हरदोई जिले से गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन (लोकार्पण) किया था। एक्सप्रेसवे निर्माण के समय ही दैनिक जागरण ने इस प्रकार की आशंका व्यक्त की थी। इसके बावजूद कार्य में सुधार नहीं किया गया। जब मीडिया कर्मी समस्या का कवरेज करने पहुंचे और क्षतिग्रस्त रोड की फोटो खींचने लगे तब मरम्मत करवा रहे कार्यदाई संस्था के इंजीनियर व कुछ कर्मचारियों ने उन्हें फोटो खींचने से रोकने का प्रयास किया।

उनका कहना था कि मीडिया कर्मी एक्सप्रेसवे पर फोटो नहीं कर सकते, जब उनसे पूछा गया कि उनके पास इस बात के कोई लिखित निर्देश हैं तो वह कुछ नहीं दिखा सके। उन्होंने बताया कि क्षतिग्रस्त रोड की वह मरम्मत तो करवा रहे हैं फिर मीडिया कर्मी फोटो क्यों खींच रहे। जब उनसे उनका नाम पद पूछा गया और रोड क्षतिग्रस्त होने की वजह पूछी तो वह शांत हो गए। कार्यदाई संस्था पटेल इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रोजेक्ट मैनेजर सतीश से इस संबंध में फोन पर संपर्क किया गया तो उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।

संचालन से पहले भी एक्सप्रेसवे निर्माण के खुले थे मानक

गंगा एक्सप्रेसवे संचालन से पहले सोनिक की सर्विस लेन में और ऊपर मार्ग पर कई जगह सड़क धंसने, मिट्टी निकलने और रेलिंग आदि टूटने की समस्याएं आई थी। जिसको जागरण ने प्रमुखता से लगातार तीन दिन प्रकाशित किया था। इसके बाद गंगा एक्सप्रेसवे निर्माण एजेंसी के इंजीनियर जागे थे और संबंधित कमियों को दूर कराया था। वहीं, प्रधानमंत्री के द्वारा लोकार्पण से पहले इन कमियों को एक्सप्रेसवे के इंजीनियरों ने ठीक भी कराया था। बावजूद मरम्मतीकरण में भी कहीं ना कहीं मानकों से खेल किया गया। जिसकी वजह से लोकार्पण के महज दो माह में ही एक बार फिर से सर्विस लेन में बड़ी खामी पाई गई। जिसकी वजह से डामर के साथ मिट्टी भी बह गई।

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