गंगा एक्सप्रेसवे पर जाल फेंकिए, मछली पकड़िए....36 हजार करोड़ का एक्सप्रेसवे बना तालाब, ग्रामीण पकड़ रहे मछली
भारी बारिश के कारण उन्नाव में 36 हजार करोड़ का गंगा एक्सप्रेसवे जलमग्न हो गया है, जहां ग्रामीण मछली पकड़ते ...और पढ़ें

गंगा एक्सप्रेसवे की औद्योगिक गलियारे को जाती सर्विस लेन पर भरे पानी में जाल डालकर मछली पकड़ते ग्रामीण। वीडियों ग्रेव
HighLights
भारी बारिश से उन्नाव में गंगा एक्सप्रेसवे जलमग्न, ग्रामीण पकड़ रहे मछली
सोनिक टोल प्लाजा और सर्विस रोड पर तीन फीट पानी भरा
सड़क पर रेन कट और दरारें, मरम्मत कार्य जारी, सुरक्षा बढ़ी
जागरण संवाददाता, उन्नाव। 36 हजार करोड़ रुपये खर्च कर बनाया गया गंगा एक्सप्रेसवे जगह-जगह बरसात में डूबा हुआ है। ऐसे में वहां पर मछली आ जाने से ग्रामीण एक्सप्रेसवे पर जाल डालकर उन्हें पकड़ते दिखे। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
दही क्षेत्र में शनिवार को सोनिक और बशीरतगंज टोल प्लाजा सहित सर्विस रोड पर तीन फीट गहरा पानी भर गया था। जिसके बाद शनिवार रात भर व रविवार सुबह भी वर्षा जारी रही। जिसके कारण एक ओर जहां जलभराव कम करने के लिए एजेंसी ने ट्रैक्टर से पंप चलवाकर पानी निकाले जाने के प्रयास जारी रखे हैं।
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गंगा एक्सप्रेसवे पर सोनिक टोल के पास हुए जलभराव को दूर करने के लिए ट्रैकर व मशीनों से काम करते कर्मचारी। जागरण
लगभग आधा किमी तक भरे पानी के बीच औद्योगिक गलियारे को जाती एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन पर रविवार को ग्रामीण जाल डालकर मछली पकड़ते नजर आए। वीडियो वायरल होने के बाद एजेंसी के अधिकारियों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस (पीआरवी) ने ग्रामीणों को जलभराव वाले स्थान से भगाकर एक्सप्रेसवे के नीचे उतार दिया।
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गंगा एक्सप्रेसवे पर सोनिक टोल के पास वर्षा के कारण हुए जलभराव। जागरण
भारी बारिश का असर अत्याधुनिक तकनीकि से बने गंगा एक्सप्रेसवे पर भी दिखाई देने लगा है। बारिश के चलते एक्सप्रेसवे पर गांव सरायं कटियान के पास किमी संख्या 422 पर रेन कट के कारण सड़क के किनारे लगभग 20 मीटर लंबी व आठ इंच गहरी दरार आ गई। वहीं टोल पर भरा पानी रविवार को भी आधा दर्जन ट्रैक्टर से पंप चलवाकर कार्यदाई संस्था के कर्मचारी निकालते रहे।
इस दौरान प्रयागराज से उन्नाव आकर सोनिक में उतरने वाला टोल बंद रहा। जिसके बाद इसी स्थान पर बशीरतगंज टोल से ही प्रयागराज से आने वाले व हरदोई की ओर जाने वाले वाहन निकाले जाते रहे। जिससे वाहन सवारों को रुककर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। इससे इस टोल पर जाम जैसी स्थिति बनी रही।
लगातार हो रही बारिश के चलते रविवार को भी जलभराव से कोई राहत नहीं मिल पाई। सोशल मीडिया के एक्स प्लेटफार्म पर कई एजेंसियों ने गंगा एक्सप्रेसवे के सोनिक टोल का वीडियो शेयर कर गंगा एक्सप्रेसवे बना समुद्र लिखकर चलाती रहीं।
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गंगा एक्सप्रेसवे पर गांव सरायं कटियान के पास किमी 422 पर सड़क पर रेन कट से आई दरार। जागरण
जहां चल रही एक माह से मरम्मत वहां भी फिर सड़क में आई गहरी दरार
दही क्षेत्र में सरायं कटियान गांव के पास जहां एक माह से लगातार मरम्मत कार्य चल रहा है। बावजूद रेन कट का सिलसिला थम नहीं रहा है। रविवार को सड़क पर दरार दिखाई देने के बाद एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई। लगातार बारिश के बीच एक्सप्रेसवे के किनारे पानी के बहाव के चलते मिट्टी का कटाव हुआ। इसी वजह से सड़क के किनारे रेन कट बन गया और वहां दरार दिखाई देने लगी।
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गंगा एक्सप्रेसवे पर जलभराव होने के कारण डायवर्जन संकेत बोर्ड। जागरण
टीम ने बैरीकेडिंग लगा वाहनों को निकाला
स्थानीय स्तर पर इसकी सूचना मिलने के बाद एक्सप्रेसवे की कार्यदायी संस्था पटेल इंफ्रास्ट्रक्चर की टीम मौके पर पहुंची। स्थिति को देखते हुए कार्यदायी संस्था ने तत्काल प्रभावित स्थान के आसपास बैरीकेडिंग करा दी, ताकि वाहन चालकों को सुरक्षित तरीके से निकाला जा सके। साथ ही मौके पर मरम्मत का काम भी शुरू कर दिया गया।
बरसात बाद जलभराव वाले स्थान पर करायेंगे वृहद मरम्मत
गंगा एक्सप्रेसवे निर्माण एजेंसी पटेल इंफ्रा के अधिकारी आरएस मिश्रा ने बताया कि बरसात बाद सोनिक टोल के पास वाले स्थान पर वृहद मरम्मत करवाई जाएगी। जिससे इस स्थान पर
जलभराव वाली समस्या न आए। यह स्थान समतल न होने के कारण यहां जलभराव हो रहा है।
गंगा एक्सप्रेसवे वे पर एक रैंप को छोड़कर कहीं जलभराव नहीं हो रहा है। अत्यधिक एवं असामान्य बारिश के बावजूद गंगा एक्सप्रेसवे पूरी तरह क्रियाशील है। यातायात का संचालन सामान्य रूप से जारी है। एक विशेष रैंप पर जलभराव की स्थिति सामने आई है। वर्तमान में हो रही बारिश सामान्य वर्षा नहीं है। अतिवृष्टि के कारण कुछ जगह रेन कट की समस्या आई। जिसकी तुरंत मरम्मत करवा दी गई। उक्त रैंप के समीप हाईटेंशन विद्युत लाइन की ऊंचाई अपेक्षाकृत कम होने के कारण भी जल निकासी व्यवस्था प्रभावित हुई है। एजेंसी द्वारा हाईटेंशन लाइन को स्थानांतरित करने के लिए संबंधित अधिकारियों से आवश्यक समन्वय एवं कार्रवाई की जा रही है।
आरएस मिश्रा-प्रोजेक्ट मैनेजर, पटेल इंफ्रास्ट्रक्चर
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