इको टूरिज्म के रूप में विकसित होगी सुलतानपुर की गोविंदपुर झील, बनेगी पूर्वांचल का नया टूरिस्ट स्पॉट
सुलतानपुर के गोविंदपुर झील को वन विभाग द्वारा इको टूरिज्म बर्ड वॉचिंग नेचर स्पॉट के रूप में विकसित किया जाएगा।

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HighLights
गोविंदपुर झील इको टूरिज्म बर्ड वॉचिंग स्पॉट बनेगी।
'एक जनपद एक वेटलैंड' योजना के तहत चयन हुआ।
पर्यटन बढ़ने से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा।
संवाद सूत्र, सुलतानपुर। वन विभाग ने इको टूरिज्म बर्ड वॉचिंग नेचर के रूप में गोविन्दपुर झील को विकसित करने की कार्ययोजना तैयार की है। एक जनपद एक वेटलैंड योजना के तहत इस झील का चयन किया गया है। वन विभाग का दावा है कि जिला आर्द्र समिति की ओर से शासन को भेजे गए प्रस्ताव पर जल्द मुहर लग सकती है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्ग के निकट स्थित इस झील के कायाकल्प के बाद पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
ये हैं झील की खासियत
सारस, बगुला, जलमुर्गी, बतख, परपल, किंगफिसर आदि पक्षी इस झील में विचरण करते हैं। झील का प्राकृतिक अस्तित्व और जल संचयन की क्षमता अच्छी है। इस झील में गाद का जमाव होने की वजह से पानी सोखने की क्षमता भी कम है।
सुबह शाम यहां सारस का कलरव देख इस रास्ते से गुजरने वाले राहगीरों के कदम अपने आप थम जाते हैं। कमल, जलमुर्गी, हाइड्रिला, वाटरलिली आदि प्रमुख वनस्पतियां इस झील की पहचान संजाेए है।
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बढ़ेगी रोजगार की उम्मीद
कन्हई का पुरवा के बलवन्त, प्रदीप, संतोष,बहुरावां के दिनेश,उमेश, बिसावां के चन्द्र प्रताप आदि ने कहा कि झील का पर्यटन के रूप में विकास होने से यहां पर्यटकों की आमद रफ्त कुछ ज्यादा ही बढ़ेगी। उनके आवागमन से बेरोजगारों के लिए रोजगार का अवसर बढ़ने की सम्भावना है। इसका लाभ इलाके के युवा उठा सकेंगे।
एक जनपद एक वेटलैंड योजना के तहत जिला आर्द्र समिति की ओर से इस झील का चयन कर चार माह पहले प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। शासन से एक हफ्ते में मंजूरी मिलने की उम्मीद है। स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण शुरू कराया जाएगा।- अमित सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी