सुल्तानपुर के दीयों से जगमगाएगा अयोध्या दीपोत्सव और बिजेथुआ धाम, महिला समूह का हुनर
सुल्तानपुर के कादीपुर, जयसिंहपुर और लम्भुआ में बने दीये इस दीपावली अयोध्या दीपोत्सव और बिजेथुआ धाम को रोशन करेंगे।

HighLights
सुल्तानपुर के दीये अयोध्या दीपोत्सव में रोशन होंगे।
महिला समूह दीयों को सजाकर रोजगार सृजित कर रहे हैं।
बिजेथुआ धाम 51 हजार दीयों से जगमगाएगा।
जागरण टीम, सुलतानपुर। दीपावली पर बाजारों में रौनक बढ़ने के साथ मिट्टी के दीयों की मांग भी तेज हो गई है। इस बार गांवों में तैयार होने वाले पारंपरिक दीपक महानगरों में भी रोशनी बिखेरेंगे। कादीपुर, जयसिंहपुर व लम्भुआ क्षेत्र में बने दीयों से अयोध्या रोशन होंगा। वहीं बिजेथुआ धाम को 51 हजार दीपक से रोशन करने की तैयारी है।
क्षितिज संस्था ग्रामीण महिलाओं के हुनर को जोड़ने में जुटी है। संस्था की लाल शाह निवासी प्रतिभा सिंह पिछले चार वर्षों से महिला समूहों के साथ मिलकर मिट्टी के दीयों को नया रूप देने का काम कर रही है।
प्रतिभा लखनऊ की एक संस्था के सहयोग से गांव की महिलाओं को इस कार्य से जोड़ा है। कुम्हार लखनऊ से आए सांचे और सामग्री की मदद से मिट्टी के दीपक तैयार करते हैं, जबकि समूह की महिलाएं उन पर आकर्षक चित्रकारी और रंग भरकर उन्हें नया रूप देती हैं।
उन्होंने बताया कि प्रियंका सिंह, किरन सिंह, सविता, शीलम शर्मा, प्रमिला, सुनीता, सुमन सिंह और मीना समेत दर्जनों महिलाएं इस कार्य से जुड़ी हैं। इससे ग्रामीण महिलाओं को रोजगार मिलने के साथ गांव की पारंपरिक कला को भी नई पहचान मिल रही है। यहां से दीपक अयोध्या भी जाएंगे।
कादीपुर के दीपक भी अदा करेंगे भूमिका
दीपोत्सव के इस पर्व में कादीपुर के दीपक भी अपनी भूमिका को अदा करेंगे। अयोध्या में आयोजित दीपोत्सव में यहां से भी दीपक गए हैं । वहीं बिजेथुआ महावीरन के दीपोत्सव कार्यक्रम में भी दीपक मंगाए गए हैं। मिट्टी का काम करने वाले रामबरन के अनुसार इस बार दीयों की मांग बहुत बढ़ गई है जिसका कारण बिजेथुआ का दीपोत्सव और अयोध्या का दीपोत्सव कार्यक्रम है।
बिजेथुआ धाम में मकरी कुंड में 51000 दीपक जलाए जाएंगे। इन दीपों को एक साथ जलाने के लिए 100 टोलियां बनाई गई है। वहीं पूरे सरोवर की सफाई की जा रही है। सीढ़ियों पर लगी काई को धूलाया जा रहा है। पूरे परिसर को विद्युत झालरों से सजाने की भी योजना है।
51 हजार मिट्टी के दीये जगमगाएंगे
त्रेतायुग में भगवान श्रीराम की अयोध्या वापसी पर दीप जलाकर उनका स्वागत करने की परंपरा आज भी सनातन संस्कृति की पहचान बनी हुई है। इस बार रामनगरी अयोध्या में दीपोत्सव के दौरान लम्भुआ की मिट्टी से बने दीये भी अपनी रोशनी बिखेरेंगे।
छोटी दीपावली की शाम अयोध्या में आयोजित दीपोत्सव में मामपुर ग्राम पंचायत की आरती स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए करीब 51 हजार मिट्टी के दीये जगमगाएंगे। यह उपलब्धि न केवल समूह की महिलाओं के लिए गौरव का विषय है, बल्कि ग्रामीण कला और महिला स्वावलंबन को भी नई पहचान दिलाएगी। धोपाप स्थित पौराणिक तीर्थस्थल पर 11 हजार और बाबा जनवारीनाथ धाम में भी 11 हजार दीये इसी समूह से खरीदे गए हैं।
उपायुक्त स्वयं सहायता समूह केडी गोस्वामी ने बताया कि समूह की महिलाएं दीपावली के अवसर पर जलने वाली दीयों पर चित्रकारी कर उनको नया रूप देने में जुटी हैं। इससे दीये आकर्षक दिखेंगी।
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