अमित शाह मानहानि मामले में राहुल गांधी ने कोर्ट में दर्ज कराया जवाब, 12 अक्टूबर को तय हो सकती है फैसले की तारीख
राहुल गांधी ने अमित शाह मानहानि मामले में सुलतानपुर कोर्ट में अपना लिखित जवाब दाखिल किया, जिसमें उन्होंने अपने भाषण ...और पढ़ें

HighLights
राहुल गांधी ने मानहानि मामले में लिखित जवाब दाखिल किया।
बचाव पक्ष ने भाषण को सद्भावपूर्ण बताया, मानहानि नहीं।
सुलतानपुर कोर्ट 12 अक्टूबर को फैसले की तारीख तय कर सकती है।
जागरण संवाददता, सुलतानपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े मानहानि के मुकदमे में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बचाव पक्ष ने कोर्ट में लिखित बहस दाखिल कर कहा कि उनका भाषण सद्भावपूर्ण था। इसलिए इसके आधार पर आपराधिक मानहानि का मुकदमा नहीं चलाया जा सकता। शुक्रवार को सुलतानपुर की विशेष एमपी-एमएलए अदालत में दोनों पक्षों की बहस पूरी हो गई।
अब 12 अक्टूबर को अदालत फैसले की तारीख तय कर सकती है। राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ल ने नौ पृष्ठ की लिखित बहस दाखिल की। इसके जवाब में परिवादी और भाजपा नेता विजय मिश्रा के अधिवक्ता संतोष पांडेय ने अपनी दलीलें रखीं और न्यायिक फैसलों का हवाला दिया।
क्या लगे थे आरोप?
परिवादी पक्ष ने राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।मामला आठ मई 2018 में कर्नाटक के बेंगलुरु में एक जनसभा के दौरान तत्कालीन भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ राहुल गांधी की टिप्पणी से जुड़ा है। उन्होंने शाह हत्या के आरोपित कहा था।
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इससे आहत होकर भाजपा नेता विजय मिश्रा ने चार अगस्त 2018 को सुलतानपुर की अदालत में मानहानि का परिवाद दाखिल किया था। मामले में सुनवाई के दौरान राहुल गांधी ने खुद को निर्दोष बताते हुए अपने खिलाफ राजनीतिक साजिश रचे जाने का आरोप लगाया था।
