सरकारी राशन न लेने पर रद होगा राशन कार्ड, सीतापुर में 7 हजार से अधिक कार्ड निरस्त करने का आदेश
सीतापुर में छह माह से राशन न लेने वाले 7343 पात्र गृहस्थी राशन कार्ड निरस्त किए जाएंगे। केंद्र सरकार के ...और पढ़ें

HighLights
सीतापुर में 7343 राशन कार्ड निरस्त करने की तैयारी।
छह माह से खाद्यान्न न लेने वाले कार्डधारक चिह्नित।
अपात्रों को हटाकर पात्रों को मिलेगा योजना का लाभ।
जागरण संवाददाात, सीतापुर। खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पात्र गृहस्थी श्रेणी और अंत्योदय राशन कार्ड बनवाने के बाद भी लंबे समय से खाद्यान्न न लेने वाले लाभार्थियों पर अब कार्रवाई की तैयारी है। जिले में ऐसे 7343 पात्र गृहस्थी राशन कार्ड चिह्नित किए गए हैं, जिन पर पिछले छह माह से खाद्यान्न का उठान नहीं हुआ है।
केंद्र सरकार के निर्णय के मुताबिक एक अक्टूबर से ऐसे राशन कार्डों को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू की जानी है। हालांकि, जिला पूर्ति कार्यालय को अभी तक इस संबंध में आधिकारिक आदेश प्राप्त नहीं हुआ है।
कई महीनों से नहीं ले रहे थे राशन
जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत बड़ी संख्या में परिवारों को पात्र गृहस्थी और अंत्योदय श्रेणी में राशन दिया जाता है। प्रत्येक माह पात्र लाभार्थियों को गेहूं और चावल उपलब्ध कराया जाता है। अंत्योदय कार्ड धारकों को चीनी भी दी जाती है।
बावजूद इसके कुछ कार्डधारक लगातार कई माह से सरकारी राशन का उठान नहीं कर रहे हैं। खाद्य एवं रसद विभाग के स्तर पर राशन वितरण के आंकड़ों की जांच के दौरान ऐसे कार्ड चिह्नित किए गए हैं।
विभागीय स्तर पर छह माह या उससे अधिक समय से खाद्यान्न न लेने वाले लाभार्थियों का डेटा तैयार किया गया है। इसमें जिले के विभिन्न ब्लाकों और नगरीय क्षेत्रों के 7343 पात्र गृहस्थी कार्ड शामिल बताए जा रहे हैं। इन कार्डों को निरस्त किए जाने के बाद इनके स्थान पर पात्र नए परिवारों को योजना का लाभ दिए जाने की संभावना है।
अभी तक शासन से इस संबंध में आधिकारिक आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। आदेश मिलने के बाद निर्देशानुसार चिह्नित कार्डों के सत्यापन और निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू होगी।
-अखिलेश श्रीवासतव, जिला पूर्ति अधिकारी।
अपात्रों को हटाकर पात्रों को मिलेगा लाभ
कार्ड निरस्तीकरण की प्रक्रिया से राशन वितरण व्यवस्था में पात्रता सुनिश्चित की जाएगी। राशन कार्डों का डेटा अपडेट करने के साथ ही वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को योजना में शामिल करने का रास्ता साफ होगा। इससे लंबे समय से कार्ड के लिए भटक रहे जरूरतमंदों को फायदा मिलेगा।
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