दिन में सात फेरे, सुहागरात पर मिले शव: पिता ने जताई हत्या की आशंका; सिद्धार्थनगर में 3 फोन कॉल से उठेगा पर्दा
बांसी के जनियाजोत गांव में नवविवाहित देशराज और अनिता की मौत की जांच अब घटना से पहले हुई मोबाइल बातचीत ...और पढ़ें

घटना से पहले अनिता के पिता ने देशराज को तीन बार किया था फोन। जागरण
HighLights
नवविवाहित देशराज और अनिता की संदिग्ध मौत।
पिता ने घटना से पहले तीन बार किया था फोन।
पुलिस कॉल डिटेल से मौत का कारण खंगाल रही।
जागरण संवाददाता, बांसी, (सिद्धार्थनगर)। जनियाजोत गांव में नवविवाहित देशराज चौहान व अनिता की मौत की जांच अब घटना से पहले हुई मोबाइल पर बातचीत के इर्द-गिर्द केंद्रित हो गई है। अनिता के पिता ने घटना वाले दिन देशराज के मोबाइल पर तीन बार फोन किया था।
पुलिस इन काल के समय, अवधि और बातचीत से जुड़े तथ्यों को खंगाल रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि अनिता अपने मायके वालों से देशराज के मोबाइल से ही बातचीत करती थी। ऐसे में पिता की तीन काल को पुलिस महत्वपूर्ण कड़ी मानकर आगे बढ़ रही है।
देशराज मुंबई में काम करते थे और करीब 20 दिन पहले गांव लौटे थे। अनिता करीब 12 दिन पहले जोगिया कोतवाली क्षेत्र के कड़जहा गांव स्थित मायके से निकलकर देशराज के घर पहुंची थी। दोनों के बीच लंबे समय से दोस्ती थी और परिवार भी इस रिश्ते से परिचित था। दोनों परिवारों की सहमति से अप्रैल में विवाह कराने की बात तय थी, लेकिन अनिता के 12 दिन पहले देशराज के घर पहुंचने के बाद विवाह का निर्णय पहले ही ले लिया गया।
सोमवार को परिवार की सहमति से टेकधर बाबा मंदिर में दोनों का विवाह हुआ। इसके बाद देशराज के घर बहुभोज आयोजित किया गया। रात में परिवार के लोग सोने चले गए। मंगलवार भोर करीब तीन बजे देशराज की मौसी अनिता को नित्यक्रिया के लिए बुलाने कमरे में पहुंचीं तो दोनों के शव पड़े मिले। करीब 10 फुट लंबे-चौड़े कमरे में देशराज का शव फंदे से लटका था, जबकि अनिता का शव फर्श पर पड़ा था। बिस्तर सामान्य स्थिति में था। अनिता के शरीर पर संघर्ष या चोट के निशान नहीं मिले।

एक ही कमरे में दोनों की अलग-अलग स्थिति ने पुलिस की जांच को महत्वपूर्ण बना दिया है। पोस्टमार्टम में दोनों की मौत फंदे से लटकने के कारण होने की बात सामने आई है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कमरे के भीतर वास्तव में क्या घटनाक्रम हुआ था। पुलिस विवाह से पहले की परिस्थितियों को भी जांच में शामिल कर रही है। दोनों की दोस्ती परिवारों की जानकारी में थे और विवाह के लिए सहमति बन चुकी थी।
इसके बावजूद अनिता का तय समय से करीब 12 दिन पहले घर छोड़कर देशराज के यहां पहुंचना और विवाह के अगले दिन दोनों की मौत कई सवाल खड़े करता है। हालांकि इन परिस्थितियों का मौत से सीधा संबंध अभी सामने नहीं आया है। घटना वाले दिन ससुराल में आयोजित बहुभोज में अनिता के मायके पक्ष से कोई सदस्य शामिल नहीं हुआ था।
यह भी पढ़ें- सिद्धार्थनगर की नाबालिग के साथ जयपुर में सामूहिक दुष्कर्म, दिल्ली पुलिस ने किया वापस
पोस्टमार्टम के बाद अनिता के पिता ने बेटी का शव लेने से भी इन्कार कर दिया। उन्होंने कहा कि अब वह दूसरे की अमानत है और ससुराल वाले ही अंतिम संस्कार करें। दोनों के अंतिम संस्कार में भी मायके पक्ष से किसी सदस्य के शामिल नहीं होने की जानकारी है। विवाह के निर्णय को लेकर मायके पक्ष में असहमति की चर्चा भी है, लेकिन पुलिस अभी इसे मौत का कारण नहीं मान रही है।
