सिद्धार्थनगर: शिक्षक तबादले में फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्रों का खेल, 29 दिन में अचानक जारी हुए 197 सर्टिफिकेट
सिद्धार्थनगर में शिक्षक तबादलों के दौरान फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्रों का बड़ा मामला सामने आया है, जहाँ जून में 29 दिनों ...और पढ़ें
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यह तस्वीर एआई के द्वारा बना गई है।
HighLights
जून में 29 दिन में 197 दिव्यांग प्रमाणपत्र जारी।
शिक्षक तबादलों में वरीयता के लिए फर्जीवाड़े का आरोप।
दिल्ली पुलिस कर रही है मामले की गहन जाँच।
प्रशांत सिंह, सिद्धार्थनगर। दिव्यांग प्रमाणपत्रों का फर्जीवाड़ा सिर्फ दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रवेश और नौकरी तक सीमित नहीं दिख रहा। सिद्धार्थनगर में इसके तार बेसिक शिक्षा विभाग की शिक्षक स्थानांतरण प्रक्रिया से जुड़ते नजर आ रहे हैं। शिक्षक तबादले के लिए दिव्यांगता को वरीयता का आधार बनाया गया तो जून के 29 दिन में 197 प्रमाणपत्र जारी होने का आंकड़ा सामने आया। अप्रैल में 84 और मई में 72 प्रमाणपत्र बने थे। जून में बने प्रमाणपत्रों में ज्यादातर 40 प्रतिशत दिव्यांगता वाले हैं।
यही वह न्यूनतम सीमा है, जिसके आधार पर शिक्षक तबादले में वरीयता का दावा कर सकते हैं। बेसिक शिक्षा विभाग ने पांच से 20 जून तक तबादले के लिए आवेदन मांगे थे। इसी अवधि के आसपास दिव्यांग प्रमाणपत्र जारी होने की रफ्तार अचानक बढ़ गई। अब जब शिक्षक तबादला प्रक्रिया शिकायतों के कारण लंबित है और दिल्ली पुलिस सिद्धार्थनगर में जारी संदिग्ध दिव्यांग प्रमाणपत्रों की जांच कर रही है, जून में जारी प्रमाणपत्रों का रिकार्ड सवालों के घेरे में आ गया है।
सिद्धार्थनगर से जारी चार संदिग्ध दिव्यांग प्रमाणपत्र मामले में वरिष्ठ मलेरिया निरीक्षक जयप्रकाश शुक्ला गिरफ्तार हो चुके हैं। मेडिकल कालेज के नाक, कान व गला विभाग में कार्यरत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मी गणेश और सीएमओ कार्यालय के शव वाहन चालक सुरेंद्र को पूछताछ के लिए दिल्ली बुलाया गया है। दोनों रविवार रात एक सप्ताह के अवकाश पर दिल्ली रवाना हुए।
जांच टीम दिव्यांग बोर्ड का रजिस्टर अपने साथ ले गई है और विभागीय कंप्यूटर भी सील कर दिया गया है।नियुक्ति नहीं, तबादले में लगाया प्रमाणपत्र तबादले के लिए दिव्यांगता के आधार पर वरीयता मांगने वाले शिक्षकों की संख्या 174 थी। इनमें 42 ऐसे थे, जिन्होंने नियुक्ति के समय ही अपना दिव्यांग प्रमाणपत्र लगाया था। 132 शिक्षकों के प्रमाणपत्र पहले से नियुक्ति के समय लगाए गए प्रमाणपत्रों से अलग हैं।
इन प्रमाणपत्रों की जारी होने की तारीख, दिव्यांगता का प्रतिशत और तबादले में उनके इस्तेमाल का मिलान अब अहम हो गया है। गंभीर रोग और दिव्यांगता के आधार पर वरीयता का प्रविधान है। पांच से 20 जून तक स्थानांतरण के लिए आवेदन मांगे गए थे। दिव्यांगता के आधार पर 174 शिक्षकों ने वरीयता मांगी है। मेडिकल बोर्ड से जारी प्रमाणपत्र के आधार पर विभाग कार्रवाई करता है। - शैलेश कुमार, बीएसए
एक दिन में बने प्रमाणपत्र 01 जून 24, 08 जून 66, 15 जून 54, 22 जून 24 29 जून 19
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