सिद्धार्थनगर की नाबालिग के साथ जयपुर में सामूहिक दुष्कर्म, दिल्ली पुलिस ने किया वापस
नाबालिग के अनुसार, वह सदर थाना क्षेत्र के सनई चौराहे के पास स्थित एक केंद्र में पढ़ाई करने जाती है। ...और पढ़ें

लौटने के बाद पीड़िता के स्वजन ने सदर थाना में दी तहरीर। सांकेतिक तस्वीर
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लौटने के बाद पीड़िता के स्वजन ने सदर थाना में दी तहरीर
दिल्ली पुलिस की एक महिला सिपाही ने दी थी स्वजन को सूचना
जागरण संवाददाता, सिद्धार्थनगर। दिव्यांग नाबालिग को बहला-फुसलाकर जयपुर ले जाने और वहां कमरे में बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म किए जाने का मामला सामने आया है। चिल्हिया थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी नाबालिग का आरोप है कि किसी तरह कमरे से निकलकर वह सड़क पर पहुंची।
वहां मिले एक व्यक्ति ने उसे ट्रेन में बैठाकर दिल्ली भेजा। दिल्ली रेलवे स्टेशन पर रोते हुए मिलने पर एक महिला उसे थाने ले गई। वहां से महिला पुलिसकर्मी ने स्वजन को घटना की सूचना दी। स्वजन 22 सितंबर को उसे लेकर सिद्धार्थनगर लौटे। बुधवार को नाबालिग ने सदर थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।
नाबालिग के अनुसार, वह सदर थाना क्षेत्र के सनई चौराहे के पास स्थित एक केंद्र में पढ़ाई करने जाती है। वहां एक शिक्षक ने उसकी आंख का निश्शुल्क आपरेशन दिल्ली में कराने की बात कही। मेडिकल कालेज से कागज बनवाने के लिए उसे भेजा गया। नाबालिग का कहना है कि वहां उसकी उम्र कम होने की बात कहकर कागज नहीं बन सके।
इसके बाद शाम को उसे पांच हजार रुपये नकद, नए कपड़े और मोबाइल दिया गया और कहा गया कि जिसे बताया जाए, उसे यह सामान दे देना। अगले दिन एक युवक वहां पहुंचा और किसी लड़की से मिलवाने की बात कहकर उसे अपने साथ ले गया। कुछ दूर एक नकाब पहने लड़की मिली। नाबालिग के अनुसार उसने उसे रुपये और सामान दे दिया।
इसके बाद लड़की ने उसे दिल्ली जाने वाली बस में बैठा दिया। रास्ते में बांसी से एक महिला और चार अन्य लड़कियां भी बस में सवार हुईं। सभी दिल्ली पहुंचे। नाबालिग का आरोप है कि 19 सितंबर को वहां से सभी को टैक्सी से जयपुर ले जाया गया। वहां सभी लड़कियों को एक कमरे में रखा गया। कार्तिक नामक युवक ने पानी दिया।
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पानी पीने के कुछ देर बाद सभी बेहोश हो गईं। नाबालिग ने आरोप लगाया कि इसी दौरान उसके साथ दुष्कर्म किया गया। बाद में उसे दूसरे कमरे में ले जाया जा रहा था। इसी दौरान वह किसी तरह वहां से निकलकर सड़क पर पहुंच गई। सड़क पर मिले एक व्यक्ति को उसने पूरी घटना बताई। उसने उसे ट्रेन में बैठाकर दिल्ली भेज दिया। वहां महिला पुलिसकर्मी की मदद से स्वजन को सूचना मिली और वे उसे लेकर वापस आए।
