सिद्धार्थनगर में तैरने की बाजी में गई युवक की जान, परिवार में मचा कोहराम
सिद्धार्थनगर के शोहरतगढ़ में दोस्तों की बाजी के चलते एक युवक तालाब में डूब गया, जिससे उसकी मौत हो गई। ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
HighLights
युवक उमेश चौरसिया दोस्तों की बाजी में तालाब में डूबा।
घटना सिद्धार्थनगर के शोहरतगढ़ में बुधवार दोपहर हुई।
मृतक अपने पीछे पत्नी, दो बेटे और एक बेटी छोड़ गया।
जागरण संवाददाता, शोहरतगढ़, (सिद्धार्थनगर)। दोस्तों की बाजी के चक्कर में एक युवक की तालाब में डूबने से मृत्यु हो गई। बुधवार दोपहर हुई घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। पति की मृत्यु की खबर सुनकर पत्नी प्रमिला चौरसिया दहाड़ मारकर रोने लगी। परिजन उसे ढांढस बंधाते हुए बच्चों के साथ नीबी दोहनी पहुंचे।
नगर पंचायत के बेणी माधवनगर वार्ड निवासी उमेश चौरसिया बुधवार दोपहर बारिश में भीगते हुए घर के पास स्थित तालाब में नहाने गया था। वहां मौजूद कुछ दोस्तों ने उससे कहा कि हिम्मत है तो तालाब तैरकर पार करके दिखाओ। दोस्तों की चुनौती स्वीकार करते हुए उमेश तालाब में कूद गया और तैरने लगा। कुछ दूर जाने के बाद वह गहरे पानी में चला गया और डूब गया। आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
बताया गया कि करीब एक सप्ताह पहले उमेश की पत्नी प्रमिला बच्चों को लेकर अपने मायके पथरा थाना क्षेत्र के पाला गांव चली गई थी। मंगलवार को उमेश पत्नी और बच्चों को लेने ससुराल गया था। वहां पत्नी ने उमेश से नशा छोड़ने की बात कही।
उसने कहा कि छोटे-छोटे बच्चे हैं, उनके भविष्य के बारे में सोचिए। इसके बाद ससुराल पक्ष के लोगों ने भी उमेश को नशा छोड़ने की सलाह दी और कहा कि वह अपनी जिंदगी के साथ पत्नी और बच्चों का भविष्य भी खराब कर रहा है। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। पत्नी को साथ भेजने से इन्कार किए जाने पर उमेश अकेले ही घर लौट आया।
ग्रामीणों के अनुसार, उमेश नशे का आदी हो गया था। कुछ लोगों ने आशंका जताई कि घटना के समय भी वह नशे की हालत में रहा होगा। हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। युवक की मृत्यु के वास्तविक कारणों की स्थिति पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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उमेश पांच भाइयों में सबसे बड़ा था। उसके पिता रामकिशन चौरसिया की करीब 13 वर्ष पहले खेत में ट्रैक्टर चलाते समय ट्रैक्टर पलटने से मृत्यु हो गई थी। उसके दो भाई अभी अविवाहित हैं। उमेश अपने पीछे पत्नी, दो पुत्र और एक पुत्री छोड़ गया है। वह दूसरे लोगों का ट्रैक्टर चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता था। ग्रामीणों ने बताया कि उमेश मिलनसार स्वभाव का था। ग्रामीणों के अनुसार, नशे के आदी लोगों के संपर्क में आने के बाद वह भी नशे का आदी हो गया था।
