चीन के कद्दू बीजों ने खोला तस्करी का नया रास्ता, फ्लाई ऐश टैंकरों में गुप्त तहखाने बनाकर हो रही भारत में सप्लाई
भारत-नेपाल सीमा पर चीन के कद्दू बीज की तस्करी का नया रास्ता खुला है, जहाँ फ्लाई ऐश टैंकरों में गुप्त ...और पढ़ें
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HighLights
चीन के कद्दू बीज की तस्करी भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ी।
फ्लाई ऐश टैंकरों में गुप्त तहखाने बनाकर हो रही सप्लाई।
कीमतों में भारी अंतर तस्करी का मुख्य कारण बना।
जितेन्द्र पाण्डेय, सिद्धार्थनगर। भारत-नेपाल सीमा पर चीन के कद्दू बीज ने तस्करी का नया रास्ता खोल दिया है। खुनुवा सीमा पर गुरुवार रात फ्लाई ऐश की आड़ में दो टैंकरों से 346 बोरे कद्दू बीज बरामद होने के बाद इस कारोबार की परत खुली है। अलग-अलग स्थानों पर लगातार पकड़ी जा रही कद्दू बीज की खेप से संकेत मिल रहे हैं कि इसके पीछे संगठित तस्करी तंत्र सक्रिय है।
भारत में पैक कद्दू बीज की कीमत करीब 1200 रुपये और खुले बीज की करीब 1000 रुपये प्रति किलो है। वहीं चीन का बीज नेपाल के रास्ते तस्करी के जरिये 350 से 500 रुपये किलो तक में उपलब्ध हो जा रहा है। यानी कीमत में 500 रुपये किलो तक का अंतर है।
चीन में बड़े पैमाने पर कद्दू की खेती, प्रसंस्करण और बीज निकालने की व्यवस्था होने से लागत कम पड़ती है। इसके अलावा वहां उत्पादन की मात्रा अधिक होने और श्रम व प्रसंस्करण व्यवस्था के कारण भी बाजार मूल्य कम रहने की बात कारोबारी बताते हैं।
टैंकरों को बनाया तस्करी का माध्यम
खुनुवा में पकड़ी गई खेप से तस्करी के तरीके का भी पता चलता है। नेपाल में फ्लाई ऐश पहुंचाने वाले टैंकरों में लौटते समय कद्दू बीज छिपाए गए। इसके लिए टैंकर में बाकायदे गुप्त तहखाना तैयार किया गया था। ऐसे ही अन्य वाहनों में गुप्त तहखाने बनाकर चीनी बीज की तस्करी की जा रही है।
कद्दू के बीज स्वाद के साथ पौष्टिकता के कारण भी तेजी से लोकप्रिय हुए हैं। इनमें प्रोटीन, वसा, रेशा, मैग्नीशियम, जस्ता, लोहा और अन्य खनिज तत्व पाए जाते हैं। इन्हें सीधे भूनकर खाने के साथ सूखे मेवों के मिश्रण, सलाद, दलिया, मिठाई, रोटी, बेकरी पदार्थ और नमकीन में प्रयोग किया जाता है। बीजों में पाया जाने वाला जस्ता रोग प्रतिरोधक क्षमता और शरीर की सामान्य क्रियाओं के लिए उपयोगी माना जाता है।
मैग्नीशियम हड्डियों और मांसपेशियों के लिए महत्वपूर्ण है। भारतीय और चीनी कद्दू बीजों में मूल पौष्टिक तत्व लगभग समान रहते हैं। अंतर मुख्यतः किस्म, खेती की भूमि, पकने की अवस्था, प्रसंस्करण और भंडारण से आता है।
अलग-अलग जगहों पर पकड़ी गईं खेप
-12 जून को नेपाल के परसा में करीब 12.88 टन कद्दू बीज बरामद हुआ। इसकी अनुमानित सीमा शुल्क कीमत 90.16 लाख रुपये बताई गई।
-सात जून को शीतलापुर खेसरा में राजस्व विभाग और एसएसबी की संयुक्त टीम ने एक घर में छिपाकर रखी 76 बोरी कद्दू बीज बरामद की।
-अप्रैल में ठूठीबारी, महाराजगंज सीमा क्षेत्र में भी 40 क्विंटल से अधिक कद्दू बीज की खेप पकड़ी जा चुकी है।
खरीदार तक पहुंचना बड़ी चुनौती
अब जांच का अहम बिंदु यह है कि सीमा पार से इतनी बड़ी मात्रा में आ रहा कद्दू बीज भारत में किसे पहुंचाया जा रहा है। खुनुवा की बरामदगी में एक चालक और खलासी गिरफ्तार हुए हैं, जबकि दूसरे टैंकर के चालक और खलासी फरार हैं। पूछताछ में पता चला कि आरोपित बस्ती में किसी को इसकी सप्लाई देने जा रहे थे। कस्टम यदि खरीदार, भंडारण स्थल और बाजार तक माल पहुंचाने वालों तक पहुंचता है तो इस तस्करी की पूरी कड़ी सामने आ सकती है।
इस नेटवर्क पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है कि यह कहां आपूर्ति देने वाले थे। इसमें अन्य कौन-कौन शामिल हैं, इसकी छानबीन की जा रही है।
-अनिल सिंह, कस्टम अधीक्षक, खुनुवा
