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सिद्धार्थनगर में फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र से बने शिक्षक पर गिरेगी गाज, बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू

Published: Sat, 17 Oct 2026 09:15 AM (IST)

सिद्धार्थनगर में फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र पर नियुक्त शिक्षक अतुल कुमार मिश्रा की बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू हो गई है। ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

HighLights

  1. फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र पर शिक्षक की बर्खास्तगी शुरू।

  2. केजीएमयू जांच में प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया।

  3. डिग्री निरस्त कर शिक्षक को सेवा से हटाया जाएगा।

जागरण संवाददाता, सिद्धार्थनगर। फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र पर बने शिक्षक की बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू हो गई है। डायट प्राचार्य ने गुरुवार को बीएसए व परीक्षा नियामक प्रयागराज को इस प्रकरण की कार्यवृति भेजी। अब पहले परीक्षा नियामक प्रयागराज की आरे से कार्रवाई करते हुए विशिष्ट बीटीसी की डिग्री को निरस्त किया जाएगा।

इसके बाद बीएसए कार्यालय खेसरहा ब्लाक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय सुगही नगवा में कार्यरत शिक्षक अतुल कुमार मिश्रा को बर्खास्त करेगा। नोटिस का जवाब 15 दिन में मिलने और नहीं मिलने के बाद विभाग कार्रवाई करेगा।

शासन के निर्देश पर जनपद के पांच शिक्षक के दिव्यांग प्रमाण पत्र की जांच केजीएमयू लखनऊ की चिकित्सकों की टीम ने किया था। सिद्धार्थनगर जिला अस्पताल से कान, नाक व गला विभाग ने दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी किया था। एक प्रमाण पत्र को केजीएमयू के डाक्टरों की टीम ने खारिज क्र दिया था।

विशिष्ट बीटीसी शिक्षक भर्ती वर्ष 2007-08 में हुआ था। शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया डायट बांसी से पूरी हुई थी। वर्ष 2013 में शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी। इसमें कई शिक्षकों ने दिव्यांगता के आधार पर आवेदन किया था। विभाग ने इनकी नियुक्ति की।

इसके बाद पांच शिक्षकों के दिव्यांग प्रमाण पत्र को लेकर शिकायत भी होने लगी। इसे संज्ञान में लेने के बाद शासन ने केजीएमयू लखनऊ में तीन डाक्टरों की टीम गठित की। डाक्टरों की टीम ने तीनों शिक्षक के श्रवण शक्ति की जांच की।

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इसमें अतुल कुमार मिश्रा के श्रवण शक्ति में कोर्ठ कमी नहीं मिली। इसके बाद जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट विभाग को दी। प्रभारी प्राचार्य डायट बांसी मोहम्मद फुरकान ने कहा कि पांच शिक्षकों के दिव्यांगता की जांच कराई गई। जिसमें एक शिक्षक जांच में फेल हो गया है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया है।.

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डायट प्रचार्य ने परीक्षा नियामक प्रयागराज व बीएसए कार्यालय को पूरी कार्यवृत्त्ि भेजी है। फर्जी दिव्यांग पत्र मिलने का उल्लेख करते हुए संबंधित शिक्षक को बर्खास्त करने की संस्तुति की है। पहले परीक्षा नियमक बोर्ड संबंधित शिक्षक के विशिष्टि बीटीसी डिग्री को निरस्त करेगा, इसके बाद बीएसए कार्यालय बर्खास्तगी की कार्रवाई पूरी करेगा।

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-शैलेश कुमार, बीएसए