सिद्धार्थनगर में छात्रा श्रेया बनीं एक दिन की जिलाधिकारी, बोलीं- मुझे भी करना है देश सेवा
सिद्धार्थनगर की मेधावी छात्रा श्रेया मिशन शक्ति के तहत एक दिन की जिलाधिकारी बनीं और आत्मविश्वास से जनसमस्याओं का समाधान ...और पढ़ें

मिशन शक्ति के तहत जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने सौंपा एक दिन का दायित्व। जागरण
HighLights
श्रेया बनीं सिद्धार्थनगर की एक दिन की जिलाधिकारी।
मिशन शक्ति के तहत मिला यह महत्वपूर्ण अवसर।
सिविल सेवा में देश सेवा का है उनका लक्ष्य।
जागरण संवाददाता, सिद्धार्थनगर। जिलाधिकारी की कुर्सी पर बैठी श्रेया के चेहरे पर आत्मविश्वास झलक रहा था। सामने जिले के अधिकारी थे और उनके समक्ष जनसमस्या के समाधान की जिम्मेदारी। जिस प्रशासनिक पद पर पहुंचने का सपना वह बचपन से देख रही हैं, शुक्रवार को उसी कुर्सी पर बैठकर उन्होंने कामकाज का अनुभव प्राप्त किया। मिशन शक्ति के तहत बांसी विकास खंड के पचहरी गांव की मेधावी छात्रा श्रेया को जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने एक दिन का जिलाधिकारी बनाया और उन्हें दायित्व सौंपा। इस अवसर पर जिले के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
एक दिन की जिलाधिकारी के समक्ष बांसी क्षेत्र के केसवार गांव के रामनरेश केवट ने भूमि विवाद से जुड़ी समस्या रखी। उन्होंने गाटा संख्या 112 पर दूसरी मंजिल की छत ढालने की अनुमति मांगी। उनके अनुसार, भूमि विवाद के कारण दो वर्ष आठ महीने से स्थगन आदेश लागू है। इससे 20 से 23 परिवार प्रभावित हैं।
पहली मंजिल का निर्माण पूरा हो चुका है, लेकिन छत न ढल पाने से निर्माण सामग्री और दीवारें खराब हो रही हैं। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से निर्माण की अनुमति देने का अनुरोध किया। श्रेया ने प्रार्थना पत्र उप जिलाधिकारी, बांसी को भेजते हुए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
मेधा के दम पर प्रदेश में छठा स्थान
श्रेया ने इसी वर्ष उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की दसवीं की परीक्षा में प्रदेश में छठा स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने रघुबर प्रसाद जायसवाल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज से दसवीं की पढ़ाई पूरी की। वर्तमान में वह बुद्ध विद्यापीठ इंटर कालेज, बर्डपुर में कक्षा 11 की छात्रा हैं। श्रेया ने बताया कि बचपन से ही उनका लक्ष्य सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण कर देश की सेवा करना है। इसके लिए वह अभी से तैयारी में जुटी हैं और आगे भी इसी दिशा में बढ़ना चाहती हैं।
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बेटी की उपलब्धि से माता-पिता गदगद
श्रेया के पिता कृष्णनाथ पाण्डेय बेटी को जिलाधिकारी की कुर्सी पर बैठा देखकर बेहद उत्साहित हैं। वह रघुबर प्रसाद जायसवाल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज में संस्कृत के अध्यापक हैं। उन्होंने कहा कि असली खुशी उस दिन होगी, जब उनकी बेटी वास्तव में जिलाधिकारी बनकर इस कुर्सी पर बैठेगी। मां अनीता पाण्डेय भी बेटी की उपलब्धि से प्रसन्न हैं। उनका सपना है कि श्रेया एक दिन जिलाधिकारी बनकर देशसेवा करे।
