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नार्थ-साउथ कॉरिडोर: सिद्धार्थनगर में काम ने पकड़ी रफ्तार, सुल्तानपुर-प्रतापगढ़ होते हुए प्रयागराज तक कनेक्टिविटी

Published: Thu, 15 Oct 2026 08:10 PM (GMT+05:30)

नार्थ-साउथ कॉरिडोर के सिद्धार्थनगर खंड में निर्माण कार्य में तेजी आई है, पिपरहवा से बर्डपुर तक 9.4 किलोमीटर सड़क के ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

HighLights

  1. नार्थ-साउथ कॉरिडोर के सिद्धार्थनगर खंड में काम तेज।

  2. पिपरहवा-बर्डपुर मार्ग पर तीन पुलियों का निर्माण शुरू।

  3. परियोजना का पहला चरण पांच माह में पूरा होगा।

जागरण संवाददाता, सिद्धार्थनगर। जिले में नार्थ-साउथ कॉरिडोर के प्रथम चरण का निर्माण तेज हो गया है। पिपरहवा से बर्डपुर के बीच सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत पड़रहवा गांव, चैनपुर और श्रीबेलवा के पास तीन पुलियों का काम शुरू हो गया है। लोक निर्माण विभाग तीनों पुलियों का आधा-आधा बेस तैयार कर चुका है। इनके निर्माण से वर्षा के पानी की निकासी आसान होगी और जलभराव से सड़क को होने वाले नुकसान से बचाने में मदद मिलेगी।

प्रथम चरण में पिपरहवा से बर्डपुर तक 9.4 किलोमीटर सड़क को चार लेन में विकसित किया जाना है। भूमि संबंधी अड़चनों के चलते परियोजना की प्रगति लंबे समय से प्रभावित थी। अब राजस्व विभाग अंश निर्धारण की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है। लोक निर्माण विभाग ने सड़क किनारे झाड़ियों की कटाई भी शुरू करा दी है।

प्रयागराज तक जुड़ेगा मार्ग

नार्थ-साउथ कॉरिडोर की कुल लंबाई करीब 295 किलोमीटर प्रस्तावित है। यह पिपरहवा से शुरू होकर बांसी, बस्ती, अंबेडकरनगर, जौनपुर, सुल्तानपुर और प्रतापगढ़ होते हुए प्रयागराज तक जाएगा। परियोजना में पूरा मार्ग नए सिरे से नहीं बनाया जाएगा।

पहले से निर्मित राष्ट्रीय राजमार्ग, द्रुतमार्ग और अन्य सड़कों को भी कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा। करीब 187.6 किलोमीटर हिस्सा पहले से राष्ट्रीय राजमार्ग या द्रुतमार्ग के रूप में उपलब्ध है। सिद्धार्थनगर में पिपरहवा-बर्डपुर के बीच 9.4 किलोमीटर सड़क को चार लेन करने की स्वीकृति मिल चुकी है।

261.48 करोड़ रुपये स्वीकृत

परियोजना के प्रथम चरण के लिए राज्य सरकार ने मार्च में 261.4863 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे। इसमें सड़क निर्माण के लिए 157.41 करोड़ रुपये, भूमि मुआवजे के लिए 80.86 करोड़ रुपये और आवासों के मुआवजे के लिए 24.57 करोड़ रुपये निर्धारित हैं। भूमि मुआवजे की प्रक्रिया पूरी करने के लिए नौ लेखपाल और कानूनगो अंश निर्धारण के काम में लगे हैं। विभाग का लक्ष्य प्रथम चरण का निर्माण पांच माह में पूरा करना है।

कॉरिडोर बनने से कपिलवस्तु क्षेत्र का सड़क संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है। चौड़ी सड़क और जल निकासी की समुचित व्यवस्था से स्थानीय लोगों, किसानों और व्यापारियों को आवागमन में सुविधा होगी। बाजारों तक पहुंच आसान होगी और माल ढुलाई में सहूलियत मिलेगी। हालांकि, इसका वास्तविक लाभ शेष निर्माण पूरा होने और यातायात शुरू होने के बाद ही मिलेगा।

प्रथम चरण को निर्धारित समय में पूरा करने का लक्ष्य है। निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है और तीन पुलियों का काम शुरू हो चुका है।

-कमल किशोर, अधिशासी अभियंता, प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग

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