मेरठ बनेगा उत्तर प्रदेश का नया औद्योगिक हब, गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे 2000 एकड़ में तैयार होगा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर
मेरठ में गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे लगभग 2000 एकड़ में एक विशाल औद्योगिक गलियारा विकसित किया जा रहा है, जिसका ...और पढ़ें

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HighLights
मेरठ में गंगा एक्सप्रेसवे पर 2000 एकड़ औद्योगिक गलियारा।
तीन चरणों में विकास, पहले चरण का आवंटन शुरू।
किसानों के विरोध के बावजूद भूमि अधिग्रहण जारी।
जागरण संवाददाता, मेरठ। मेरठ से प्रयागराज तक जाने वाले गंगा एक्सप्रेसवे के सभी 12 जनपदों में प्रदेश सरकार औद्योगिक गलियारा विकसित करा रही है। मेरठ में इसकी लोकेशन देश और विदेश की नामचीन कंपनियों को पसंद आ रही है। यही कारण है कि सरकार मेरठ में सबसे बड़ा औद्योगिक गलियारा विकसित करने में जुटी है। जिसमें छोटे और बड़े सभी उद्योगों को खूब जमीन मिलेगी।
अभी तक इसके तीन चरणों की तैयारी की जा चुकी है। 530 एकड़ के पहले चरण की अधिकांश भूमि की खरीद की जा चुकी है तथा उसमें भूखंडों के आंवटन की प्रक्रिया की जा रही है। यहां विकास कार्य भी शुरू करने की तैयारी है। 722 एकड़ के दूसरे चरण के लिए तीन गांवों की जमीन खरीद की घोषणा की जा चुकी है।
हालांकि किसान इसका विरोध कर रहे हैं लेकिन अधिकारी उनकी समस्याओं का समाधान करने में जुटे हैं।तीसरे चरण के लिए 742 एकड़ जमीन को चिह्नित किया जा रहा है।
पहले चरण में हो रहा आवंटन, निर्माण के लिए पहुंची एजेंसी
औद्योगिक गलियारा के 530 एकड़ (213 हेक्टेयर) क्षेत्रफल के पहले चरण के लिए खरखौदा और बिजौली गांव की जमीन की खरीद लगभग पूरी कर ली गई है। मात्र 18 हेक्टेयर जमीन विवाद वाली है। जिसके अधिग्रहण की प्रक्रिया की जा रही है। यूपीडा ने इस जमीन में कुल 23 भूखंड का प्रोजेक्ट तैयार किया है। जिनके आवंटन की प्रक्रिया की जा रही है। इसी दौरान यूपीडा ने इस औद्योगिक क्षेत्र की जमीन में विकास कार्य के लिए एजेंसी का चयन कर लिया हैा एजेंसी यहां प्लांट भी स्थापित कर चुकी है।
दूसरे चरण की जमीन खरीद के लिए किसानों को मना रहे अधिकारी
इसी से सटे छतरी, गोविंदपुर और खड़खड़ी गांवों में 722 एकड़ (294 हेक्टेयर) भूमि में औद्योगिक गलियारा के दूसरे चरण की तैयारी की गई है। इस चयनित जमीन की खरीद की अधिसूचना जारी की जा चुकी है लेकिन तीनों गांवों के किसान विरोध कर रहे हैं। वे धरने पर बैठे हैं। जिला प्रशासन ने किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए आठ विभागों की समिति का गठन किया है। जो कि उन्हें मनाने में जुटी है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द किसानों की समस्याओं का समाधान करके उन्हें मना लिया जाएगा।
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तीसरे चरण के लिए भी मांगा है 742 एकड़ का प्रस्ताव
मेरठ में प्रदेश का सबसे बड़ा औद्योगिक गलियारा स्थापित करने के लिए सरकार ने इसके तीसरे चरण के लिए इसी क्षेत्र के आसपास 742 एकड़ (लगभग 300 हेक्टेयर) जमीन को चिह्नित करके प्रस्ताव मांगा है।जिला प्रशासन तहसील की मदद से इस जमीन को चिह्नित करने के प्रयास में जुटे हैं।
नए औद्योगिक क्षेत्रों के निर्माण से ही प्रदेश की जीडीपी में उछाल आएगा। सरकार के आदेश के तहत जनपद में जमीन के चिह्नीकरण और खरीद की कार्रवाई कराई जा रही है। तीनों चरणों के विकसित होने के बाद मेरठ का औद्योगिक गलियारा विशाल होगा।
डॉ. वी के सिंह, जिलाधिकारी
