मेरठ-हरिद्वार लिंक गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण ने पकड़ी रफ्तार, बिजनौर के 109 गांवों में होगा जमीन अधिग्रहण
मेरठ-हरिद्वार लिंक गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए बिजनौर में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज हो गई है।

प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
डीएम ने गंगा एक्सप्रेसवे भूमि अधिग्रहण में तेजी लाने के निर्देश दिए।
बिजनौर के 109 गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है।
किसानों की सहमति से 107 गांवों में भूमि क्रय होगा।
जागरण संवाददाता, बिजनौर। मेरठ–हरिद्वार लिंक गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए भूमि क्रय एवं अधिग्रहण से संबंधित की जा रही कार्यवाही को लेकर डीएम ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्देशित किया।
जनपद में एक्सप्रेसवे के लिए तहसील सदर के 62, तहसील चांदपुर के 34 और तहसील नजीबाबाद के 13 गांवों सहित कुल 109 गांव में भूमि अधिग्रहण किया जाएगा। जिसमें से 107 गांवों में किसानों की सहमति के आधार पर अर्जन होगा।
एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए जनपद में 109 गांवों का भू-अर्जन प्लान यूपीईडा द्वारा डीएम को भेजा गया था। इसके बाद जिला प्रशासन ने आवश्यक संशोधन करने के बाद संशोधित भू-अर्जन प्लान यूपीईडा को भेज दिया गया है। भूमि क्रय की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए 109 गांवों में से 107 गांवों में किसानों की आपसी सहमति के आधार पर भूमि क्रय किए जाने के लिए दर निर्धारण की कार्रवाई की जा रही है।
सभी जरूरी प्रोसेस जल्द होंगे पूरे
भूमि क्रय की प्रक्रिया में संबंधित तहसीलों के तहसीलदारों द्वारा दर निर्धारण और लोक निर्माण विभाग द्वारा भूमि पर स्थित परिसंपत्तियों के मूल्यांकन की कार्रवाई की जा रही है। डीएम उमेश प्रताप सिंह ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि भूमि क्रय से जुड़ी सभी औपचारिकताएं प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराई जाएं।
किसानों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए कार्यवाही को ढंग से आगे बढ़ाया जाए। अधिकारियों के अनुसार, आपसी सहमति के आधार पर भूमि क्रय की कार्यवाही प्रारंभ करने के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। डीएम ने निर्देश दिए कि भूमि की दर निर्धारण के संबंध में प्रस्तुत की जाने वाली रिपोर्ट में उपनिबंधको के साथ-साथ एआईजी स्टांप को भी सम्मिलित किया जाए।
