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सिद्धार्थनगर में DJ की तेज आवाज से नहीं हुई नवजात की मौत, बिसरा जांच से खुलेगा राज

Published: Thu, 22 Oct 2026 03:16 PM (IST)

सिद्धार्थनगर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान नवजात की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने डीजे की तेज आवाज ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

HighLights

  1. पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने तेज आवाज को मृत्यु का कारण नहीं माना।

  2. नवजात के कान के पर्दे पूरी तरह सुरक्षित और सामान्य पाए गए।

  3. पुलिस वास्तविक कारण जानने के लिए बिसरा जांच कराएगी।

जागरण संवाददाता, सिद्धार्थनगर। दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान म्यूजिक सिस्टम की तेज आवाज के बीच दो दिन के नवजात की मृत्यु के मामले में नया तथ्य सामने आया है। ढेबरुआ थाना पुलिस की ओर से सार्वजनिक की गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्चे के दोनों कान के पर्दे पूरी तरह सुरक्षित व सामान्य पाए गए हैं।

शरीर में रक्त का थक्का जमने के भी प्रमाण नहीं मिले हैं। ऐसे में पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर नवजात की मृत्यु म्यूजिक सिस्टम की तेज आवाज से होना नहीं पाया गया है। हालांकि, मृत्यु का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। इसकी गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने बिसरा सुरक्षित कराकर जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की है।

ढेबरुआ थाने के बढ़नी नगर के वार्ड नंबर नौ स्थित रामजानकी मंदिर मोहल्ला निवासी जावेद मनिहार पुत्र सई मोहम्मद के परिवार में दो दिन पहले नवजात का जन्म हुआ था। मंगलवार की रात दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान रामलीला मैदान में म्यूजिक सिस्टम बज रहे थे।

इसी बीच बच्चे की हालत बिगड़ने और बाद में मृत्यु होने की जानकारी सामने आई थी। स्वजन ने तेज आवाज को लेकर आशंका जताई थी। उनका कहना था कि घर मैदान से 30 मीटर से भी कम दूरी पर है। ऐसे में उन्हें आशंका थी कि मृत्यु डीजे की तेज आवाज के चलते हुई है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस का पूरा ध्यान मृत्यु के वास्तविक कारण का पता लगाने पर है।

पुलिस को आशंका है कि कहीं बच्चे को दूध पिलाने के दौरान कोई परेशानी तो नहीं हुई थी। इसी संभावना को ध्यान में रखते हुए फेफड़ों की स्थिति और सांस लेने में किसी तरह की बाधा की आशंका की जांच के लिए बिसरा सुरक्षित कराया गया है। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

पुलिस का कहना है कि दूध पिलाने के दौरान बच्चे के फेफड़ों में दूध या तरल पदार्थ पहुंचने से सांस लेने में परेशानी होने की संभावना समेत अन्य पहलुओं की जांच की जाएगी। बच्चे के पहले से बीमार होने की बात भी अभी स्पष्ट नहीं है।

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पुलिस का कहना है कि घटना के समय अलग-अलग तरह की बातें सामने आई थीं, लेकिन किसी भी संभावना की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस का कहना है कि बिसरा जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

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पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह स्पष्ट हुआ है कि बच्चे के कान के पर्दे सामान्य और सुरक्षित थे। रिपोर्ट में ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला, जिससे मृत्यु का कारण म्यूजिक सिस्टम की तेज आवाज को माना जाए। बच्चे की मृत्यु कैसे हुई, इसकी जानकारी के लिए बिसरा सुरक्षित कराया गया है। उसे जांच के लिए भेजा जा रहा है।

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-मयंक द्विवेदी, पुलिस क्षेत्राधिकारी