उज्बेकिस्तान की रशियन भाषा में बिकेगा सिद्धार्थनगर का 'कालानमक' चावल, मिला 25 टन का आर्डर
सिद्धार्थनगर का कालानमक चावल अब वैश्विक पहचान बना रहा है और जल्द ही उज्बेकिस्तान के बाजारों में उपलब्ध होगा। दिल्ली ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
HighLights
कालानमक चावल अब उज्बेकिस्तान के बाजारों में बिकेगा।
अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में 25 टन निर्यात का ऑर्डर मिला।
आठ देशों के साथ कालानमक चावल के लिए एमओयू।
जागरण संवाददाता, सिद्धार्थनगर। कालानमक चावल ने वैश्विक पहचान बनानी शुरू कर दी है। अब यह उज्बेकिस्तान के बाजारों में बिकेगा। इसकी पैकेजिंग भारत में होगी, लेकिन इस चावल की विशेषता रशियन भाषा में लिखी जाएगी। 23 से 25 अक्टूबर तक दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय चावल सम्मेलन में सिद्धार्थनगर की कालानमक चावल की व्यवसायी सुजाता को उज्बेकिस्तान के आयातक ने एक कंटेनर (25 टन) निर्यात करने का आर्डर दिया है।
सभी व्यावसायिक औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। सम्मेलन में आठ देशों के व्यवसायियों ने सुजाता कालानमक राइस कंपनी के साथ एमओयू किया है। दुबई से भी एक कंटेनर चावल के निर्यात का आर्डर मिला है, लेकिन अभी सप्लाई के मूल्य पर चर्चा चल रही है। नेपाल ने भी पांच ट्रक चावल भेजने का आर्डर दे दिया है।
नई दिल्ली के प्रगति मैदान में अंतरराष्ट्रीय चावल सम्मेलन का आयोजन हुआ। इस सम्मेलन में देश-विदेश की विभिन्न प्रजातियों और विशेषताओं के चावल को सम्मिलित किया गया था। इनमें एक प्रजाति कालानमक की भी रही।
कालानमक की विशेषता और गुण ने सभी का ध्यान आकृष्ट किया। विदेश के आयातक इस सम्मेलन में प्रतिभाग कर रहे थे। इन्होंने कालानमक के संबंध में विशेष रूप से रुचि दिखाई। इसी क्रम में क्यूबा के आयातक ने सुजाता कालानमक राइस से एमओयू किया।
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निर्यात के संबंध में दोनों पक्षों में वार्ता शुरू हो गई है। इसके अलावा श्रीलंका, इथोपिया, जार्डन, जर्मनी के आयातकों ने एमओयू किया है। अब इन देशों से आर्डर मिलने के बाद चावल का निर्यात किया जाएगा। सुजाता कालानमक राइस की सुजाता ने बताया कि सम्मेलन में कई राष्ट्रों के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। कालानमक चावल के प्रति सभी ने उत्सुकता दिखाई। आठ राष्ट्रों के प्रतिनिधियों ने एमओयू किया है।
