सिद्धार्थनगर में बिना OPD पर्ची के ही बन गया फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र, दिल्ली पुलिस ने किया खुलासा
दिल्ली पुलिस ने सिद्धार्थनगर में फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
HighLights
दिल्ली पुलिस ने फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र गिरोह का भंडाफोड़ किया।
मलेरिया निरीक्षक समेत नौ आरोपी सिद्धार्थनगर से गिरफ्तार किए गए।
बिना OPD पर्ची के बने प्रमाण पत्रों की जांच जारी है।
जागरण संवाददाता, सिद्धार्थनगर। फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाने के मामले में दिल्ली पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने सिद्धार्थनगर के मलेरिया निरीक्षक जय प्रकगाश शुक्ला के साथ इस गिरोह से जुड़े कुल नौ आरोपितों को गिरफ्तार किया है। अब जांच टीम ने साक्ष्य संकलन प्रारंभ कर दिया।
सबसे बड़ा मामला यह सामने आया कि मेडिकल कालेज की ओपीडी का रजिस्ट्रेशन (एक रुपये की पर्ची) के बिना ही फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र बना दिया गया। विभाग की ओपीडी में रोगी की जांच से संबंधित भी कोई जानकारी नहीं दर्ज है। वहीं पोर्टल पर यूडीआइडी नंबर जारी करते हुए दिव्यांग प्रमाण पत्र अपलोड हो गया। अब इसकी जानकारी मांग रही है कि यूडीआइडी नंबर जारी होने से पहले सीएमओ के पास ओटीपी किसके पास आया था।
दिल्ली पुलिस ने फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाने के मामले की जांच तेज कर दी है। सीएमओ कार्यालय से कई जानकारी मांगी। 29 दिसंबर 2025 से 29 जून 2026 तक बने दिव्यांग प्रमाण पत्र से संबंधित जानकारी मांगी। सीएमओ कार्यालय ने 136 पेज के रजिस्टर की सत्यापित फोटोकापी उपलब्ध कराई। वहीं मेडिकल कालेज के आभा पोर्टल पर जो चार फर्जी प्रमाण पत्र पकड़े गए हैं, उनके नाम से बनी एक रुपये की पर्ची नहीं मिली।
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दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार आरोपित जय प्रकाश शुक्ला से पूछताछ के बाद मेडिकल कालेज के इएनटी विभाग में कार्यरत एनएचएम कर्मी गणेश और शव वाहन चालक सुरेंद्र से पूछताछ की। इन सभी से इनके नजदीकी रिश्तेदारों के बैंक खाता से जानकारी मांगी थी। इन दोनों ने भी सभी प्रपत्र उपलब्ध करा दिया है।
दिल्ली पुलिस की टीम सीएमएस कार्यालय में आई थी। यहीं पर ही एनएचएम कर्मी से पूछताछ की थी। उससे कई जानकारी मांगी गई है। जिसे उसने उपलब्ध करा दिया है। जांच टीम ने कहा है कि आवश्यकता पड़ने पर पूछताछ के लिए दिल्ली बुलाया जा सकता है।
-डा. एसएन उपाध्याय, सीएमएस।
