टैक्सी स्टैंड के लिए अब निजी भूखंड लीज पर लेगी बांसी नगर पालिका, भू-स्वामी 30 सितंबर तक करें आवेदन
बांसी नगर पालिका अब टैक्सी स्टैंड के लिए निजी भूखंड लीज पर लेगी क्योंकि उसके पास उपलब्ध 15 बीघे से ...और पढ़ें

HighLights
नगर पालिका निजी भूखंड लीज पर लेगी टैक्सी स्टैंड हेतु।
छह वर्षों से नीलामी ठप, 30 लाख वार्षिक राजस्व हानि।
नए स्टैंड से यातायात सुधरेगा, यात्रियों को सुविधा मिलेगी।
जागरण संवाददाता, सिद्धार्थनगर। बांसी में टैक्सी स्टैंड की व्यवस्था बनाने के लिए नगर पालिका अब निजी भूखंड लीज पर लेने जा रही है। जिन छह मार्गों पर स्टैंड प्रस्तावित हैं, वहां नपा के पास 15 बीघे से अधिक भूमि है, लेकिन इसका बड़ा हिस्सा ताल-पोखरों के नाम आवंटित है।
जो भूखंड समतल हैं, वे भी निर्धारित मानक के अनुरूप नहीं हैं। ऐसे में वर्षों से उपलब्ध सरकारी भूमि के बावजूद स्टैंड की व्यवस्था नहीं बन सकी और अब निजी भूमि लेने की प्रक्रिया शुरू करनी पड़ी है।
करीब 15 हजार वर्गमीटर भूमि चाहिए
एक स्टैंड के लिए करीब 2,500 वर्गमीटर भूखंड की जरूरत है। छह मार्गों पर स्टैंड के लिए करीब 15 हजार वर्गमीटर भूमि चाहिए। उपलब्ध भूमि अलग-अलग हिस्सों में होने और मानक के अनुरूप भूखंड नहीं मिलने के कारण नपा ने सड़क किनारे निजी भू-स्वामियों से भूमि लीज पर लेने के लिए विज्ञापन प्रकाशित कराया है।
इच्छुक भू-स्वामी 30 सितंबर तक आवेदन कर सकते हैं। टैक्सी स्टैंड की व्यवस्था नहीं होने का सीधा असर नपा की आय पर भी पड़ा है। करीब छह वर्ष से स्टैंड की नीलामी नहीं हुई। इससे हर वर्ष 30 लाख रुपये से अधिक संभावित राजस्व का नुकसान हो रहा है।
छह वर्ष में यह राशि 1.80 करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है। नीलामी में हर वर्ष करीब 10 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रावधान होने से लगातार नीलामी न होने पर संभावित आय का अंतर और बढ़ता गया।
छह मार्गों पर प्रस्तावित हैं स्टैंड
बांसी-इटवा, बांसी-नौगढ़, बांसी-डुमरियागंज, बांसी-बस्ती, बांसी-गोरखपुर और बांसी-धानी मार्ग पर एक-एक टैक्सी स्टैंड प्रस्तावित है। इन मार्गों से प्रतिदिन छोटे-बड़े मिलाकर तीन हजार से अधिक यात्री वाहनों का आवागमन होता है। स्टैंड बनने से वाहनों के लिए निर्धारित ठहराव स्थल मिलेगा और मुख्य मार्गों पर बेतरतीब खड़े होने वाले वाहनों से होने वाली अव्यवस्था कम होगी।
स्टैंड में यात्रियों के लिए ये सुविधाएं भी प्रस्तावित
स्टैंड केवल वाहनों के ठहराव तक सीमित नहीं रहेगा। प्रस्तावित व्यवस्था में यात्रियों के बैठने की सुविधा के साथ पुरुष और महिला प्रसाधन तथा पेयजल के लिए आरओ संयंत्र लगाने की भी योजना है। इसके लिए मानक के अनुरूप पर्याप्त भूमि का चयन अहम होगा।
स्टैंड की जरूरत एक नजर में
- 06 मार्गों पर प्रस्तावित स्टैंड
- 2,500 वर्गमीटर एक स्टैंड के लिए जरूरी
- 15,000 वर्गमीटर छह स्टैंड के लिए भूमि की जरूरत
- 15 बीघे से अधिक नपा की सड़क किनारे भूमि
- भूमि का बड़ा हिस्सा ताल-पोखरों के नाम आवंटित
- 3,000 से अधिक यात्री वाहनों का रोज आवागमन
- 06 वर्ष से स्टैंड की नीलामी बंद
- 30 लाख रुपये से अधिक प्रतिवर्ष संभावित राजस्व
नगर पालिका के पास सड़क के किनारे निर्धारित मानक के अनुरूप जमीन नहीं है। इसके लिए स्टैंड के लिए लीज पर जमीन लेकर नगर की यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा। स्टैंड के अभाव से नगर में यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है।
-जय प्रकाश सिंह यादव, ईओ
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