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एआई ने पकड़ी 'VB G-RAM G' में चल रही गड़बड़ी, क्लोन एप से मजदूरों की फर्जी हाजिरी का किया पर्दाफाश

Published: Tue, 03 Nov 2026 04:37 PM (IST)

सिद्धार्थनगर के शोहरतगढ़ में 'बीबी-जी राम जी योजना' में क्लोन ऐप के जरिए मजदूरों की फर्जी हाजिरी दर्ज करने का ...और पढ़ें

एआई जनरेटेड तस्वीर।

एआई जनरेटेड तस्वीर।

HighLights

  1. क्लोन ऐप से मजदूरों की फर्जी हाजिरी दर्ज हुई।

  2. कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) ने गड़बड़ी का पर्दाफाश किया।

  3. शोहरतगढ़ बीडीओ पर कार्रवाई की सिफारिश की गई।

जागरण संवाददाता, सिद्धार्थनगर। तकनीक का इस्तेमाल पारदर्शिता और कार्यों की निगरानी के लिए किया जा रहा है, लेकिन इसका दुरुपयोग कर सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। बीबी-जी राम जी योजना के तहत शोहरतगढ़ विकासखंड के चार गांवों, जिसमें जगरगठिया अलीदापुर, गुजरौलिया खालसा भी शामिल है, में क्लोन एप के माध्यम से बड़े पैमाने पर फर्जी उपस्थिति दर्ज किए जाने का मामला सामने आया है। मिलती-जुलती तस्वीरों का बार-बार प्रयोग कर श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज करायी जा रही थी।

डुप्लीकेट तस्वीरों को स्वीकृति मिलने के बाद कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआइ) के माध्यम से हुई जांच में गड़बड़ी पकड़ में आई। मामले में आयुक्त ग्राम विकास के पत्र के बाद मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह ने शोहरतगढ़ के खंड विकास अधिकारी विमल कुमार श्रीवास्तव का प्रभार हटाने के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेजा है। योजना के तहत कार्यस्थल पर नियोजित श्रमिकों की उपस्थिति एनएमएमएस एप के माध्यम से दर्ज करने का प्रविधान है। इसके लिए श्रमिकों की तस्वीरें खींचकर उपस्थिति प्रमाणित की जाती है।

शोहरतगढ़ के चार गांवों में क्लोन एप के जरिए इस व्यवस्था का दुरुपयोग कर डुप्लीकेट उपस्थिति दर्ज करने की शिकायत सामने आई। जांच में पाया गया कि मिलती-जुलती तस्वीरों का कई बार इस्तेमाल किया गया। बड़ी संख्या में डुप्लीकेट तस्वीरें उपलब्ध होने और स्पष्ट विसंगतियों के बावजूद मस्टर रोल में दर्ज तस्वीरों को स्वीकृति दे दी गई।

आयुक्त ग्राम विकास प्रमोद कुमार उपाध्याय ने 30 अक्टूबर को जारी पत्र में मामले को गंभीर बताते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद सीडीओ बलराम सिंह ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर शोहरतगढ़ के बीडीओ का प्रभार हटाने और नौगढ़ की बीडीओ कृतिका स्वास्थ्य को शोहरतगढ़ का अतिरिक्त प्रभार देने का अनुरोध किया है।

सिद्धार्थनगर के मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह ने बताया कि डुप्लीकेट तस्वीरों को खंड विकास अधिकारी और अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी स्तर से अस्वीकृत किया जा सकता था। ऐसा नहीं किया गया, बल्कि तस्वीरों को स्वीकृति दी गई। इससे उनकी मंशा पर भी सवाल उठता है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेजा गया है।

बीडीओ के विरुद्ध विभागीय व एपीओ के विरुद्ध विधिक कार्रवाई प्रचलित

पत्र में बीडीओ शोहरतगढ़ के विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई की भी संस्तुति की गई है। पत्र के अनुसार, मनरेगा के अंतर्गत श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज करने में अनियमितता सामने आने के बाद मामले की जांच के निर्देश दिए गए थे। जांच में डुप्लीकेट श्रेणी में दर्ज मास्टर रोल के फोटोग्राफ स्वीकार किए जाने का मामला सामने आया।

इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए खंड विकास अधिकारी एवं कार्यक्रम अधिकारी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई प्रचलित होने का उल्लेख किया गया है। साथ ही अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी के विरुद्ध भी विधिसम्मत कठोर विभागीय कार्रवाई करते हुए इसकी जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया है।

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