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खलीलाबाद-बहराइच रेल लाइन प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार, बांसी-इकौना के बीच भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू

Published: Sun, 04 Oct 2026 01:29 PM (IST)

खलीलाबाद-बहराइच नई रेललाइन परियोजना ने गति पकड़ ली है, जिसके तहत 240 किमी लंबी इस लाइन का निर्माण तीन चरणों में किया जा रहा है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. खलीलाबाद-बहराइच 240 किमी नई रेललाइन परियोजना ने पकड़ी गति।

  2. बांसी-इकौना खंड में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया हुई शुरू।

  3. श्रावस्ती, बलरामपुर जैसे क्षेत्रों को मिलेगी बेहतर रेल कनेक्टिविटी।

जागरण संवाददाता, श्रावस्ती। संतकबीरनगर जिले के खलीलाबाद से सिद्धार्थनगर-बलरामपुर-श्रावस्ती-बहराइच तक 240 किमी लंबी नई रेललाइन के निर्माण की प्रक्रिया ने गति पकड़ ली है। पूर्व सांसद दद्दन मिश्र के पत्र पर रेलवे बोर्ड ने परियोजना के प्रगति की रिपोर्ट साझा की है। परियोजना को तीन चरणों में बांट कर काम पूरा किया जा रहा है।

4940 करोड़ रुपये की परियोजना पर मार्च 2026 तक 1525 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 686 करोड़ रुपये के बजट का प्राविधान किया गया है। पूर्व सांसद दद्दन मिश्र के सात अगस्त 2026 के पत्र का जवाब देते हुए रेलवे बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर/वर्क्स जेएस सेहरावत ने 23 सितंबर 2026 को पत्र जारी कर बताया है कि इस नई रेललाइन को ‘स्पेशल रेलवे प्रोजेक्ट’ के रूप में अधिसूचित किया गया है।

120 किलोमीटर लंबे हिस्से में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू

तीन हिस्सों में निर्माण आगे बढ़ रहा है। खलीलाबाद-बांसी के बीच 54 किलोमीटर रेललाइन के हिस्से में मिट्टी भराई, छोटे और बड़े पुलों तथा स्टेशन निर्माण का काम शुरू हुआ है। बांसी-इकौना के बीच 120 किलोमीटर लंबे हिस्से में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है।

इकौना-बहराइच के बीच 66 किलोमीटर के हिस्से में भी भूमि अधिग्रहण चल रहा है। रेलवे बोर्ड ने इसे उन्नत चरण में होना बताया है। पूर्व सांसद ने बताया कि इस परियोजना के पूरा होने से बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, उतरौला और डुमरियागंज क्षेत्र नई रेल कनेक्टिविटी से जुड़ेंगे।

श्रावस्ती और बलरामपुर जैसे सीमावर्ती और अपेक्षाकृत पिछड़े क्षेत्र के लिए यह परियोजना परिवहन की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यात्रियों को राहत मिलने के साथ व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की सुविधा बेहतर होने की उम्मीद है।

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