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शामली के साल्हापुर गांव में तेंदुए का आतंक, पिंजरे में कुत्ते की जगह बांधी बकरी; ग्रामीणों में दहशत

Published: Sun, 04 Oct 2026 11:30 PM (IST)

शामली के साल्हापुर गांव में पिछले 11 दिनों से तेंदुए का खौफ बना हुआ है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।

सालाहपुर में पिंजरा के लिए बांधी बकरी। जागरण

सालाहपुर में पिंजरा के लिए बांधी बकरी। जागरण

HighLights

  1. साल्हापुर गांव में 11 दिनों से तेंदुए का खौफ।

  2. रालोद ने उठाई आवाज, विधायक ने की ड्रोन निगरानी की मांग।

  3. वन विभाग ने पिंजरे में बकरी बांधकर तेंदुए को पकड़ने की कोशिश।

जागरण संवाददाता, शामली। साल्हापुर गांव में पिछले 11 दिनों से तेंदुए की दहशत बनी हुई है। लगातार तेंदुआ दिखाई देने और खेतों में उसके पदचिह्न मिलने से ग्रामीणों में भय का माहौल है। रविवार को रालोद के कैराना विधानसभा प्रभारी सनोज चौधरी कार्यकर्ताओं के साथ गांव पहुंचे और ग्रामीणों की समस्याओं को सुना।

उन्होंने इस संबंध में शामली विधायक प्रसन्न चौधरी को जानकारी दी। विधायक ने जिलाधिकारी शामली से वार्ता कर त्वरित कार्रवाई की मांग की। डीएम के के निर्देश पर वन विभाग की टीम भी गांव पहुंची।

गंध से पास आएगा तेंदुआ

रविवार को टीम ने तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे में एक बकरी बांधी, जिससे उम्मीद की जा रही है कि तेंदुआ उसकी आवाज और गंध से पिंजरे के पास आएगा। पिंजरे के आसपास ग्रामीणों की भीड़ भी जमा रही।

ग्रामीणों ने बताया कि पिछले 11 दिनों से गांव और आसपास के खेतों में तेंदुए की गतिविधियां देखी जा रही हैं। प्रारंभ में वन विभाग ने ग्रामीणों की बातों को संदेह के रूप में लिया, लेकिन बाद में खेतों में तेंदुए के पदचिह्न मिलने की पुष्टि हुई।

बीते बुधवार को ग्रामीणों ने खेतों में घूम रहे तेंदुए का वीडियो भी बनाया, जो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुआ। इसके बाद वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए अभियान तेज किया।

शनिवार को सामाजिक कार्यकर्ता मैनपाल ने भी गांव पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और वन विभाग की कार्रवाई को अपर्याप्त बताया। पिंजरा जंगल में करीब चार दिन से लगाया गया है, लेकिन तेंदुआ अभी तक उसमें नहीं आया है।

shamli

बस्ती में भी तेंदुए के घूमने की सूचना

वन विभाग के उपनिरीक्षक सोनू कुमार ने बताया कि यदि मौजूदा पिंजरे से तेंदुआ नहीं पकड़ा जाता है, तो दूसरा पिंजरा मंगाया जाएगा। इसके साथ ही ड्रोन से भी इलाके की निगरानी की जाएगी। इस बीच, मुस्तफाबाद की बस्ती में भी तेंदुए के घूमने की सूचना मिली है। ग्रामीणों ने तेंदुए को प्राइमरी स्कूल के निकट देखा।

प्रमोद ने बताया कि तेंदुआ ग्रामीणों की भीड़ को देखकर जंगल की ओर भाग गया। हालांकि, वन विभाग ने इस दावे को अफवाह करार दिया है।

उप निरीक्षक सोनू कुमार ने बताया कि ग्रामीणों की मांग पर कुत्ते के स्थान पर पिंजरे में बकरी को बांधा गया है, ताकि तेंदुए को जल्दी पकड़ा जा सके। ग्रामीणों को पिंजरे से दूर रहने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

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