अंकित बालियान की पत्नी ने लगाया आरोप- अब अधिकारी फोन नहीं सुनते; 11 अक्टूबर को गांव में महापंचायत
शामली के बंतीखेड़ा गांव में हरियाणवी गायक अंकित बालियान हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर पंचायत हुई, जिसमें प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगा।

अंकित बालियान कि पत्नी सीमा बालियान। जागरण
HighLights
अंकित बालियान हत्याकांड में न्याय के लिए गांव में पंचायत हुई।
प्रशासन पर वादे पूरे न करने और उपेक्षा का आरोप।
न्याय की मांग को लेकर 11 अक्टूबर को महापंचायत।
जागरण संवाददाता, शामली। हरियाणवी गायक अंकित बालियान हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर गांव बंतीखेड़ा में ग्रामीणों और स्वजन की पंचायत हुई। पंचायत में स्वजन ने प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। निर्णय लिया गया कि रविवार 11 अक्टूबर को गांव में महापंचायत बुलाई जाएगी। इसमें बालियान खाप समेत अन्य सभी खाप के चौधरी बुलाए जाएंगे। वहीं, अंकित बालियान की पत्नी ने रोते हुए प्रशासन पर उपेक्षा के आरोप लगाए।
26 अगस्त को कोतवाली क्षेत्र के मुहल्ला आर्य पुरी में अंकित बालियान की गोली मारकर हत्या कर दी थी। 31 अगस्त को गोगी गैंग के दो शूटर मोहित और सुमित को पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया था, जबकि हत्या की जिम्मेदारी लेने वाला राहुल उर्फ भोलू शाहपुरिया और शूटर सत्यम कादयान और आर्यन संधू अभी फरार हैं।
आश्वासन के बाद भी नहीं गिरफ्तार हुए आरोप
पूर्व में डीएम और एसपी के साथ खाप चौधरी की हुई बैठक में प्रशासन की ओर से पांच अक्टूबर तक सभी मांग पूरी करने और आरोपितों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया था, लेकिन आठ अक्टूबर तक भी पुलिस आरोपितों को गिरफ्तार नहीं कर सकी। गुरुवार को अंकित बालियान के पिता सतबीर फौजी ने पंचायत बुलाई थी। पंचायत में उन्होंने कहा कि घटना के डेढ़ माह बीत जाने के बाद भी परिवार को न्याय नहीं मिला है।
पीड़ित परिवार की ओर से अंकित के नाम पर स्टेडियम, स्कूल और स्वजन के सुरक्षा के लिए हथियार लाइसेंस बनाए जाने की मुख्य मांगे रखी गई थीं, लेकिन प्रशासन ने किसी भी मांग पर कोई कार्रवाई नहीं की। प्रधान पुत्र पुनीत कुमार ने बताया कि प्रशासन को दिए गए समय के बाद अब एक बार फिर एसपी व डीएम से मुलाकात की जाएगी।
अब कोई फोन उठाने को तैयार नहीं
पंचायत के बाद मृतक की पत्नी सीमा बालियान ने भावुक होकर प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि घटना के डेढ़ माह बाद भी पुलिस दो मुख्य शूटरों को ट्रेस नहीं कर पाई है। जब मामला सुर्खियों में था, तब नेता और अधिकारी लगातार आश्वासन दे रहे थे, लेकिन अब कोई फोन तक उठाने को तैयार नहीं है।
बिलखते हुए उन्होंने कहा, हमारे परिवार का सहारा चला गया है, अब कोई मेरे पति को वापस ला दे, हमें और कुछ नहीं चाहिए। पंचायत में हरपाल तोमर, जगवीर पूर्व प्रधान, भीष्म जांगड़ान, हरपाल जागड़ान, चंद्रपाल मास्टर और योगेंद्र बिट्टू समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
