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खाद की किल्लत से मिलेगी राहत! यूपी के 10 जिलों में शुरू हुई ऑनलाइन बुकिंग, शाहजहांपुर बना नंबर 1

Published: Fri, 30 Oct 2026 07:44 PM (IST)

सहकारिता विभाग ने किसानों को खाद की किल्लत और लंबी लाइनों से निजात दिलाने के लिए 'उर्वरक सेतु' ऐप लॉन्च ...और पढ़ें

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HighLights

  1. उर्वरक सेतु एप पर घर बैठे किसान बुक करा रहे यूरिया व डीएपी

  2. 12 हजार किसान जिले में आनलाइन बुकिंग कर ले चुके खाद

जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर। खाद के लिए सहकारी समितियों पर हर बार लंबी लाइन लगती हैं। किसानों को पूरे-पूरे दिन इंतजार करने के बाद भी बैरंग होना पड़ता है। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए सहकारिता विभाग ने उर्वरक सेतु एप तैयार किया है, जिस पर किसान घर बैठे ही यूरिया, डीएपी और एनपीके की बुकिंग कर रहे हैं। जिसके बाद वितरण का समय, तिथि फोन पर ही भेजी जा रही है।

पायलट प्रोजेक्ट में शामिल सभी 10 जनपदों के किसानों ने इस सुविधा का लाभ लेना शुरू कर दिया है, जिनमें शाहजहांपुर पहले स्थान पर है। यहां 12 हजार किसान आनलाइन बुकिंग के माध्यम से खाद प्राप्त कर चुके हैं।

गेहूं की बोआइ शुरू होने वाली है, किसानों को खाद की आवश्यकता है। ऐसे में समितियों पर लाइन लगना शुरू हो गई है। प्रशासन भरपूर स्टाक का दावा कर रहा है, लेकिन इसके बाद भी कई किसान बिना खाद वापस हो रहे हैं।

हर साल इस तरह की दिक्कत सामने आती है, जिसको देखते हुए उर्वरक सेतु एप शुरू किया गया है। सहायक आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता डा. गणेश गुप्ता ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट में बरेली मंडल से शाहजहांपुर और पीलीभीत जिले शामिल हैं।

इनके अतिरिक्त महाराजगंज, गोरखपुर आदि जिलों में आनलाइन बुकिंग के जरिए किसान खाद ले रहे हैं। इस एप के प्रयोग से किसानों को बार-बार समितियों के चक्कर लगाने और घंटों कतार में खड़े होने से राहत मिलेगी। बिचौलियों की भूमिका और मनमानी पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

150 समितियों पर मिल रहा लाभ

यह सुविधा समिति के सदस्य किसानों के लिए शुरू की गई है। जनपद की 150 समितियों से जुड़े दो लाख किसान फिलहाल इसका लाभ ले सकते हैं। एप पर किसान की बुक हुई खाद की बोरियों, वितरण, शेष कोटा, भुगतान आदि का विवरण दर्ज रहेगा, जिससे गड़बड़ी की संभावना कम रहेगी।

इस तरह होगा वितरण

किसान को सबसे पहले गूगल प्ले स्टोर से एप डाउनलोड करना होगा। इसके बाद मोबाइल नंबर दर्ज कर ओटीपी के माध्यम से सत्यापित करना होगा। पंजीकरण के दौरान किसान को अपना, पिता, गांव व तहसील का नाम और खतौनी से जुड़ी जानकारी भरनी होगी।

इसके बाद सहकारी समिति चुनकर आनलाइन बुकिंग करेंगे। एप पर डिजिटल टोकन और क्यूआर कोड मिलेगा। निर्धारित तिथि पर किसान को संबंधित सहकारी समिति पहुंचकर यह कोड दिखाना होगा। जिसे स्कैन करने के बाद खाद दी जाएगी।

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