29 नंदी 'गायब' और पेट में जा रहा था बजट! यूपी के इस सरकारी केंद्र का सच देख अफसर भी हैरान
शाहजहांपुर की महाऊ दुर्ग नंदीशाला में निरीक्षण के दौरान 29 पशु कम पाए गए, जबकि उनके चारे-भूसे का भुगतान किया ...और पढ़ें

शाहजहांपुर के सिंधौली की ग्राम पंचायत महाऊ दुर्ग स्थित नंदीशाला में मौजूद पशु। जागरण
HighLights
पशु चिकित्साधिकारी को महाऊ दुर्ग नंदीशाला में निरीक्षण के दौरान सामने आईं अनियमितताएं
संवाद सूत्र, सिंधौली (शाहजहांपुर)। मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में शामिल होने के बावजूद गोशालाओं व नंदीशालाओं की स्थिति में सुधार नहींं हो रहा। पशुओं के रख रखाव से लेकर उनकी देखरेख तक में लापरवाही बरती जा रही है। महाऊ दुर्ग ग्राम पंचायत में तो इससे भी ज्यादा बड़ी गड़बड़ी सामने आई।
यहां नंदीशाला में 29 पशुओं की संख्या कम मिली, जबकि इनके भूसा व चारा के नाम पर भुगतान निकाला जा रहा था। मुख्य पशु चिकित्सा डाॅ. राजेंद्र सिंह ने जांच कराकर कार्रवाई कराने की बात कही है।
गुरुवार को पशु चिकित्साधिकारी डाॅ. राजबहादुर भार्गव ग्राम पंचायत महाऊ दुर्ग की नंदीशाला पहुंचे तो तो वहां पर 80 गोवंश मौजूद मिले जबकि विभाग के पोर्टल पर इनकी संख्या 109 दर्ज मिली।
गलत संख्या दर्शाए जाने पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। यहां पर पांच गोवंश बीमार मिले जिनका मौके पर उपचार कराया गया। जांच के दौरान पता चला कि पशुओं को कई दिनों से हरा चारा उपलब्ध नहीं कराया यगया।
परिसर में कई स्थानों पर सड़ा हुआ भूसा, गोबर और कीचड़ का ढेर मिला। जिस कारण पूरा परिसर दुर्गन्धयुक्त था। पानी पिलाने वाले हौज में काई जमी मिली और उसके आसपास मिट्टी का दलदल पाया गया।
पशुओं को सर्दी से बचाने की कोई व्यवस्था भी मौके पर मौजूद नहीं मिली। निरीक्षण के दौरान दोनों गोपालक मौके पर मौजूद मिले। डाॅ. राजबहादुर भार्गव ने बताया कि पूरा विवरण बनाकर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को भेज दिया है। आगे की कार्रवाई वहीं से होगी।
नंदीशाला के संचालन की जिम्मेदारी ग्राम प्रशासक अनिल वर्मा व पंचायत सचिव अजय सागर पर है। अजय सागर ने बताया कि नंदीशाला की चाहरदीवारी बेहद कमजोर बनी थी, जो पशुओं की ठोकर से टूट रही है।
यहां 30 पशुओं को रखने की क्षमता है, लेकिन हर यहां पर प्रतिदिन पशु भेजे जा रहे हैं। ग्राम प्रशासक से पक्ष जानने के लिए काल की गई तो रिसीव नहीं हुई। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाॅ. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि जांच रिपोर्ट का आकलन किया जाएगा। प्रशासक व सचिव का पक्ष लिया जाएगा। उसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
प्रति पशु चारा भूसा के लिए मिलते 50 रुपये
जनपद में 160 गोशालाओं व नंदीशालाओं के संचालन की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूहों के साथ ही ग्राम प्रशासक व पंचायत सचिवों के ऊपर है।
वृहद गोशालाओं की निगरानी सीसीटीवी के माध्यम से विकास भवन स्थित वार रूम से होती है, लेकिन इसके बाद भी अनियमितताएं नही रुक पा रहीं। प्रत्येक पशु के चारा व भूसा के लिए प्रतिदिन 50 रुपये के हिसाब से भुगतान किया जाता है।
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