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शाहजहांपुर की खुशी चौधरी ने ग्रैपलिंग में जीता स्वर्ण, तीन साल तक असफल होने के बाद गाड़े सफलता के झंडे

Published: Sun, 11 Oct 2026 05:46 PM (IST)

खुशी चौधरी ने तुर्की में अंतरराष्ट्रीय ग्लोबल ग्रैपलिंग सीरीज में ईरान की खिलाड़ी को हराकर स्वर्ण पदक जीता है। तीन ...और पढ़ें

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HighLights

  1. तुर्की में अंतरराष्ट्रीय ग्लोबल ग्रैपलिंग सीरीज में स्वर्ण पदक जीता।

  2. तीन साल की असफलता के बाद भी नहीं मानी हार।

  3. विश्व कुश्ती चैंपियनशिप और 2028 ओलंपिक की तैयारी में जुटीं।

जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर। हार मिली है तो जीत भी होगी। हताश होने की बजाय और मेहनत से प्रयास करना चाहिए। तीन वर्ष तक सफलता न मिलने पर लोगों ने ग्रैपलिंग खिलाड़ी खुशी चौधरी से गांव लौटने को कहा, लेकिन उन्होंने पीछे न हटने और खेल में आगे बढ़ने का फैसला किया। यही संकल्प अब उन्हें लक्ष्य की ओर बढ़ा रहा है। उनकी कहानी कई खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन रही है।

पिता का सपने को बेटी ने किया साकार

जैतीपुर के छोटे से गांव अगरौली में रहने वाले रामफल चौधरी को पहलवानी का शौक था। वह इसमें करियर बनाना चाहते थे, लेकिन प्रशिक्षण और सुविधाओं के अभाव में आगे नहीं बढ़ सके। उनका अधूरा सपना पूरा करने के लिए बेटी खुशी मैट पर उतरीं।

शुरुआत में वह टीवी पर खेल देखकर घर में अभ्यास करती थीं। साक्षी मलिक और फोगाट बहनों को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतते और देश में सम्मान पाते देख उन्होंने तय कर लिया कि अब रुकना नहीं है। खुशी बताती हैं कि उन्होंने कभी दूसरा विकल्प नहीं रखा।

माता-पिता लगातार उनका हौसला बढ़ाते रहे। इसका नतीजा पिछले माह तुर्की में दिखा, जहां उन्होंने अंतरराष्ट्रीय ग्लोबल ग्रैपलिंग सीरीज में ईरान की खिलाड़ी को हराकर गोल्ड मेडल जीता।

इससे पूरे परिवार में खुशी छा गई। खुशी हरियाणा में प्रशिक्षण ले रही हैं और इन दिनों विश्व कुश्ती चैंपियनशिप की तैयारी कर रही हैं। इसके बाद उनका लक्ष्य 2028 ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई करना है।

कई प्रतियोगिताओं में जीते पदक

खुशी अंडर-19 स्कूल स्टेट चैंपियनशिप में रजत, अंडर-15 और अंडर-17 राज्यस्तरीय चैंपियनशिप में स्वर्ण तथा अंडर-23 में रजत पदक जीत चुकी हैं। सीनियर स्टेट में भी उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया। राष्ट्रीय स्तर पर अंडर-15 और सीनियर वर्ग में कांस्य, जबकि जूनियर नेशनल ग्रैपलिंग रेसलिंग में स्वर्ण पदक जीता है। उनके बड़े भाई अमित चौधरी क्रिकेट खिलाड़ी हैं और दस वर्षों से क्रिकेट अकादमी चला रहे हैं। भाई गोविंद चौधरी बाक्सिंग में सक्रिय हैं, जबकि कुश और लव कबड्डी खेलते हैं।

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