संतकबीरनगर में आसमान छू रही सब्जियों की कीमतें, गरीबों की थाली से गायब हो रहा जायका
संतकबीरनगर में लगातार बारिश और तेज हवाओं से सब्जियों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है, जिससे उत्पादन में कमी ...और पढ़ें

बारिश से सब्जियों की फसलों को भारी नुकसान, कीमतों में आया उछाल। जागरण
HighLights
तेज बारिश और हवा से सब्जियों की फसलों को भारी नुकसान।
उत्पादन में कमी से संतकबीरनगर में सब्जियों के दाम आसमान पर।
बढ़ती महंगाई ने गरीब और दिहाड़ी मजदूरों की चिंता बढ़ाई।
जागरण संवाददाता, धनघटा, (संतकबीरनगर)। पिछले दिनों लगातार चार दिनों तक तेज हवा के साथ हुई बारिश से सब्जियों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। बारिश के कारण खेतों में खड़ी अधिकांश सब्जियों की फसलें प्रभावित हुई हैं। फसलों में लगी सब्जियां और फूल सड़ने से उत्पादन में अचानक कमी आ गई है। इसका सीधा असर बाजार पर पड़ा है और सब्जियों के दाम आसमान छूने लगे हैं।
धनघटा से सटे बकौली कला की सब्जी मंडी में शनिवार को फुटकर कीमतों की पड़ताल की गई। आलू 20 रुपये किलो बिक रहा था, जबकि प्याज 60, सरपुतिया 120, करैला 60, नेनुआ 60, चिचिंडा 50, बोड़ा 80, परवल 80, भिंडी 60, गोभी 120, मूली 60, गाजर 80, खीरा 80, शिमला मिर्च 100 और हरी मिर्च 100 रुपये किलो रही। वहीं लौकी और कोहड़ा 50, टमाटर 50, बैंगन 60, पत्तागोभी 80 तथा कुंदरू 40 रुपये किलो बिक रहा था।
सब्जी कारोबारियों के अनुसार बारिश से स्थानीय फसलें बर्बाद होने के कारण किसान मंडी में सब्जी लेकर कम पहुंच रहे हैं। बाहर की मंडियों से सब्जियां मंगानी पड़ रही हैं। इससे पिछले एक सप्ताह में कीमतों में तेजी आई है और बिक्री भी प्रभावित हुई है।
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दिहाड़ी मजदूरों त्रिभुवन, अयोध्या प्रसाद, रामनवल, हरीराम और राममूरत ने बताया कि महंगाई के कारण परिवार के लिए दो जून की सब्जी जुटाना मुश्किल हो गया है। मजदूरों का कहना है कि 400 रुपये की दैनिक मजदूरी में करीब 200 रुपये सब्जी पर खर्च हो जा रहे हैं। ऐसे में सब्जियों की बढ़ती कीमतों ने गरीब और मजदूर परिवारों की चिंता बढ़ा दी है।
