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गबन मामले में हेड मुहर्रिर को सुप्रीम कोर्ट से मिली अंतरिम जमानत, राज्य सरकार को नोटिस जारी

Published: Mon, 02 Nov 2026 11:09 PM (IST)

खलीलाबाद मालखाने से सोना और नकदी गबन के आरोपी हेड मुहर्रिर राधेश्याम गुप्ता को सुप्रीम कोर्ट से चार सप्ताह की अंतरिम अग्रिम जमानत मिल गई है।

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HighLights

  1. हेड मुहर्रिर राधेश्याम गुप्ता को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली।

  2. खलीलाबाद मालखाने से सोना, नकदी गबन का आरोप है।

  3. सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया।

उज्जवल तिवारी, संतकबीरनगर। कोतवाली खलीलाबाद के मालखाने से वर्ष 2018 में एक जालसाजी के मुकदमे में बरामद 427 ग्राम गला हुआ सोना, 49,518 रुपये और 14 नेपाली नोट गायब होने के मामले में आरोपित तत्कालीन हेड मुहर्रिर राधेश्याम गुप्ता ने गिरफ्तारी से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट की शरण ली है। वहां से उसे चार सप्ताह की अंतरिम अग्रिम जमानत मिली है। इसकी प्रतिलिपि लेकर वह सोमवार को कोतवाली खलीलाबाद थाने में पहुंचकर विवेचक को दी। चार सप्ताह के लिए गिरफ्तारी से उसे राहत मिल गयी है।

इसके पूर्व जिला न्यायालय से याचिका खारिज होने पर हाई कोर्ट ने पांच अक्टूबर तक अंतरिम राहत दी थी। पांच अक्टूबर के बाद हुई सुनवाई में हाई कोर्ट से भी याचिका खारिज होने पर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। कोर्ट ने आरोपित की याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है।

नोटिस का जवाब चार सप्ताह के भीतर दाखिल करने का निर्देश दिया है। सामान्य प्रक्रिया के अतिरिक्त याचिकाकर्ता को राज्य सरकार के स्थायी अधिवक्ता से भी नोटिस तामील कराने की अनुमति दी गई है। सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम आदेश में कहा है कि यदि याचिकाकर्ता को इस मुकदमे में गिरफ्तार किया जाता है तो उसे जमानत पर रिहा किया जाएगा।

इसके लिए 25 हजार रुपये का व्यक्तिगत मुचलका, इतनी ही राशि के एक या अधिक जमानतदार प्रस्तुत करने होंगे। जमानतदारों को जांच अधिकारी की संतुष्टि के अनुसार स्वीकार किया जाएगा। आरोपित को जांच में सहयोग करने, जांच अधिकारी के बुलाने पर उनके पास उपस्थित होने को कहा है।

सोना अवमुक्त कराने की अर्जी से सामने आया था मामला

बरामद माल को मालखाना रजिस्टर में दर्ज किया गया था। बरामद सोना अवमुक्त कराने को न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया गया। इस पर न्यायालय ने पुलिस से आख्या मांगी तो वर्तमान हेड मुहर्रिर गोविंद शरण ने मालखाना रजिस्टर, चार्ज सूची, अन्य अभिलेखों का मिलान किया।

अभिलेखों में बरामद माल मालखाने में जमा दर्ज मिला लेकिन सत्यापन में नहीं मिला। इस पर पूर्व में तैनात रहे हेड मुहर्रिरों से पूछताछ की गई। जांच में विनोद कुमार मिश्र ने बताया कि उनके बाद तैनात राधेश्याम गुप्ता को बरामद माल सुपुर्द किया था।

बाद में तैनात हेड मुहर्रिर मारकंडेय सिंह ने बताया कि उन्हें माल चार्ज में नहीं मिला था। बरामद माल के गबन की बात सामने आई। वर्तमान हेड मुहर्रिर गोविंद शरण की तहरीर पर 26 जून 2026 को राधेश्याम गुप्ता के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था।

सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम अग्रिम जमानत मिलने संबंधी आदेश की प्रति आरोपित की ओर से विवेचक को उपलब्ध कराई गई है। न्यायालय के आदेश और निर्देशों के अनुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

-जय प्रकाश दुबे, कोतवाली प्रभारी, खलीलाबाद।

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