संतकबीरनगर पहलवान ब्रह्मानंद यादव हत्याकांड: पुरानी रंजिश ने ली जान, पुलिस जांच जारी
संतकबीरनगर के मशहूर पहलवान ब्रह्मानंद यादव की हत्या पुरानी रंजिश का परिणाम है, जिसमें दोनों पक्षों के बीच पहले भी ...और पढ़ें

मशहूर पहलवान ब्रह्मानंद यादव की हत्या। जागरण
HighLights
पहलवान ब्रह्मानंद यादव की हत्या पुरानी रंजिश के कारण हुई।
दोनों पक्षों के बीच पहले भी विवाद और मारपीट हो चुकी थी।
ब्रह्मानंद अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गए।
जागरण संवाददाता, संतकबीरनगर। जिले के मशहूर पहलवान ब्रह्मानंद यादव की हत्या के पीछे पुरानी रंजिश की बात सामने आई है। दोनों पक्षों के बीच पहले भी विवाद और मारपीट हो चुकी थी। 18 मई 2026 को मारपीट की घटना में दोनों पक्षों की ओर से कोतवाली खलीलाबाद थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था।
एक पक्ष के मृतक ब्रह्मानंद यादव के पिता दयाराम यादव ने थाने में दी गयी तहरीर में यह आरोप लगाया था कि सुबह करीब पांच बजे शौच के लिए जाते समय दुर्गेश, राजेश, छठिराम और सुरेंद्र समेत अन्य लोगों ने पुरानी रंजिश को लेकर उन्हें अपशब्द कहते हुए लाठी-डंडों और लात-घूंसों से पीटा था। बचाने पहुंचे उनके बेटे रामानंद यादव व श्रीकांत यादव को भी मारे-पीटे थे।
वहीं दूसरे पक्ष के राकेश यादव पुत्र बलिराम ने थाने में दी गयी तहरीर में यह उल्लेख किया था कि गत 17 मई को चुनावी रंजिश को लेकर विपक्षी से कहासुनी हुई थी। इसी को लेकर गत 18 मई की सुबह करीब साढ़े पांच बजे रमाकांत, श्रीकांत, ब्रह्मानंद, रामानंद समेत कई लोग लाठी-डंडे और फरसा लेकर उनके दरवाजे पर पहुंचे और मारपीट की।
बचाने के लिए पहुंचे परिवार के सदस्यों को भी मारे-पीटे। अब करीब चार महीने बाद ब्रह्मानंद की हत्या पर गत मई में दर्ज हुए दोनों मुकदमे फिर चर्चा में हैं। पुलिस हत्या के पीछे पुरानी रंजिश को लेकर सामने आए इन विवादों और दोनों पक्षों के बीच हुए घटनाक्रम की भी जांच-पड़ताल कर रही है।
अपने एकेडमी में 40 बच्चों को सिखा रहे थे पहलवानी
ब्रह्मानंद यादव चार भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके सबसे बड़े भाई रमाकांत यादव वर्तमान में गांव के प्रशासक हैं। इसके बाद श्रीकांत यादव और रामानंद यादव हैं। परिवार में सबसे छोटे ब्रह्मानंद पहलवानी में अपनी अलग पहचान बना चुके थे।

उन्हें जिले के जाने-माने पहलवानों में गिना जाता था। वह कुछ वर्ष पूर्व जिला केसरी से सम्मानित हुए थे। ब्रह्मानंद ने गांव में ब्रह्मानंद एकेडमी खोल रखी थी। यहां पर वह 40 बच्चों को पहलवानी का प्रशिक्षण देते थे। वह युवाओं को खेल में आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत थे।
बच्चों के सिर से उठा पिता का साया, घर में मचा कोहराम
ब्रह्मानंद यादव की हत्या ने उनके परिवार को गहरा सदमा दिया है। करीब दस वर्ष पहले पूजा से शादी करने वाले ब्रह्मानंद अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गए। नौ वर्षीय बेटा अंश यादव और पांच वर्षीय बेटी अब पिता के स्नेह से हमेशा के लिए वंचित हो गए।
यह भी पढ़ें- संतकबीरनगर में जिला केसरी पहलवान ब्रह्मानंद यादव की पीट-पीटकर हत्या, आंखों में मिर्च पाउडर डालकर किया था हमला
ब्रह्मानंद की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी पूजा का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार पति को याद कर बेसुध हो जा रही थीं। वहीं मासूम बच्चों को देखकर स्वजन व अन्य लोगों की आंखें आंसू से भर जा रही थीं।
पैर में गोली लगने की भी चर्चा,पुष्टि नहीं
ब्रह्मानंद यादव के पैर में गोली लगने की भी चर्चा है। इस मामले में एसपी संदीप कुमार मीना ने कहा कि इसकी जानकारी नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थित स्पष्ट हो पाएगी।
