संतकबीरनगर में 200 एकड़ भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र का होगा विस्तार, हजारों को मिलेगा रोजगार
संतकबीरनगर में यूपी सीडा और खलीलाबाद प्रशासन मगहर के पास 200 एकड़ भूमि चिह्नित कर औद्योगिक क्षेत्र का विस्तार करेगा। ...और पढ़ें

यूपीसीडा के अधिकारी व खलीलाबाद तहसील प्रशासन की टीम जल्द मौके पर जाएगी। जागरण
HighLights
यूपी सीडा संतकबीरनगर में 200 एकड़ नई भूमि चिह्नित करेगा।
मगहर के पास औद्योगिक क्षेत्र का विस्तार किया जाएगा।
बंद इकाइयों के मालिकों को पुनरुद्धार के विकल्प मिलेंगे।
दिलीप पाण्डेय, संतकबीरनगर। उत्तर प्रदेश राज्य औद्याेगिक विकास प्राधिकरण(यूपी सीडा)के अधिकारी व खलीलाबाद तहसील प्रशासन की टीम जल्द मगहर के आगे जाएगी। वहां पर औद्योगिक क्षेत्र को विस्तार देने के लिए 200 एकड़ भूमि चिह्नित करेगी। सरकारी भूमि न मिलने की दशा में किसानों व अन्य लोगों की निजी भूमि डीएम सर्किल रेट पर खरीदेगी।
भूमि चिह्नित हो जाने के बाद प्रस्ताव तैयार कर उसे स्वीकृति के लिए शासन के पास भेजा जाएगा। यूपी सीडा के पास इंडस्ट्रियल एरिया-खलीलाबाद में आवंटन के लिए 81.68 एकड़ भूमि उपलब्ध है। बहरहाल औद्योगिक गतिविधि को बढ़ावा देकर बेरोजगारों के लिए रोजगार के नये अवसर सृजित करने की दिशा में तैयारी चल रही है।
इंडस्ट्रियल एरिया में सात औद्योगिक इकाइयां निर्माणाधीन
वर्ष 1980 के दशक में इंडस्ट्रियल एरिया-खलीलाबाद में यूपी सीडा का कार्यालय स्थापित हुआ। यहां पर इसकी कुल 231.34 एकड़ भूमि है। वर्ष 1983 से इस इंडस्ट्रियल एरिया में उद्योग लगाने के लिए प्लाट दिया जाने लगा। इसमें से 149.66 एकड़ में 363 औद्योगिक इकाइयों की स्थापना होनी थीं।
वर्तमान में 226 औद्योगिक इकाइयां चल रही हैं। इसमें फ्लोर मिल,राइस मिल,फूड प्रोडक्ट,फारमल डीहाइड,केमिकल एडं थर्मों प्रोडक्ट,रेडिमेड गारमेंट,स्पीपींग यार्न सहित अन्य उत्पाद बनाए जाते हैं। वहीं 2.93 एकड़ में सात औद्योगिक इकाइयां निर्माणाधीन हैं।
बंद 137 इकाइयों के मालिकों संग सात दिन के अंदर होगी बैठक
इंडस्ट्रियल एरिया-खलीलाबाद में 60.79 एकड़ में स्थापित 137 औद्योगिक इकाइयां बंद चल रही हैं। इससे करीब छह हजार कर्मी बेरोजगार हो गए हैं। शासन बंद इकाइयों को चलाने को संवेदनशील हो गया है। यूपी सीडा के अधिकारी इन बंद इकाइयों के मालिकों,उनके प्रतिनिधियों के साथ सात दिन के अंदर बैठक करने वाले हैं।
यह भी पढ़ें- 'गांव डूबे, नावें भी नहीं': संतकबीरनगर में बाढ़ पीड़ितों का फूटा गुस्सा, सड़क पर उतरकर किया चक्काजाम
इस बैठक में उन्हें बंद इकाइयों के संबंध में तीन विकल्प देंगे। इसमें पहला वे इसे स्वयं चालू कर दें, दूसरा-दूसरे को हस्तांतरित कर दें,तीसरा विकल्प-वर्तमान औद्योगिक प्रीमियम दर 3,140 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से आवंटित प्लाट की कुल राशि का 90 प्रतिशत धनराशि यूपी सीडा को भुगतान कर बेच दें। जिससे वह प्लाट औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए दूसरे उद्यमी को दिया जा सकें।
