'गांव डूबे, नावें भी नहीं': संतकबीरनगर में बाढ़ पीड़ितों का फूटा गुस्सा, सड़क पर उतरकर किया चक्काजाम
संतकबीरनगर के धनघटा में बाढ़ पीड़ितों ने नेतवापुर चौराहे पर सड़क जाम कर अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की। ...और पढ़ें

धनघटा बिड़हरघाट मार्ग को जाम करते ग्रामीण। जागरण
HighLights
बाढ़ पीड़ितों ने नेतवापुर चौराहे पर सड़क जाम कर प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों ने बाढ़ प्रभावित घोषित करने, नाव व मुआवजे की मांग की।
तहसीलदार ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
जागरण संवाददाता, धनघटा, (संतकबीरनगर)। तहसील क्षेत्र के नेतवापुर चौराहे पर गुरुवार को अगापुर गुलहरिया, चपरा पूर्वी, खालेपुरवा समेत आसपास के गांवों के बाढ़ पीड़ित ग्रामीणों ने विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर धनघटा-बिड़हरघाट मार्ग जाम कर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों की मांग थी कि तहसील के जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनें और समाधान का आश्वासन दें।
जाम की सूचना पर तहसीलदार धनघटा और क्राइम इंस्पेक्टर रामेश्वर प्रसाद पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने तहसीलदार से अगापुर गुलहरिया गांव में चलकर बाढ़ की स्थिति देखने का आग्रह किया। इस पर तहसीलदार ग्रामीणों के साथ गांव पहुंचीं और प्रभावित लोगों की समस्याएं सुनीं।
ग्रामीणों ने बताया कि अगापुर गुलहरिया, खालेपुरवा समेत कई गांव चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिरे हैं। उन्होंने गांवों को बाढ़ प्रभावित घोषित करने, आवागमन के लिए नाव की व्यवस्था कराने तथा बाढ़ से नष्ट हुई फसलों का सर्वे कराकर किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की।
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पुलिया निर्माण का भी उठाया मुद्दा
ग्रामीणों ने बिड़हरघाट-नेतवापुर मार्ग पर पुलिया निर्माण की मांग भी तहसीलदार के सामने रखी। उनका कहना था कि पुलिया के अभाव में जलभराव के साथ आवागमन की समस्या बनी रहती है। तहसीलदार ने ग्रामीणों को मांगों के निस्तारण का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित गांवों में आवश्यक व्यवस्था कराने के साथ ही पुलिया निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा। आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया और मार्ग पर आवागमन बहाल हो गया।
