MDM में फर्जीवाड़ा खत्म! अब रोज ऐप पर अपलोड होगी मिड-डे मील की थाली, दूध और फल की फोटो
परिषदीय विद्यालयों में मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता सुधारने और फर्जीवाड़ा रोकने के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। अब ...और पढ़ें

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HighLights
दोपहर के भोजन की गुणवत्ता सुधरेगी, फर्जीवाड़े पर लगेगी लगाम
संवाद सूत्र, रजपुरा (संभल)। परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को मिलने वाले मध्याह्न भोजन (एमडीएम) की गुणवत्ता सुधारने और वितरण में होने वाली मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए शासन ने नई व्यवस्था लागू की है। अब विद्यालयों में बनने वाले भोजन की थाली का फोटो प्रतिदिन प्रेरणा डिजिटल रजिस्टर एप पर अपलोड करना होगा।
सोमवार को बच्चों को दिए जाने वाले फल और बुधवार को वितरित होने वाले दूध की तस्वीर भी एप पर अपलोड करनी अनिवार्य होगी। इस व्यवस्था से एमडीएम वितरण में फर्जीवाड़े पर लगाम लगेगी और बच्चों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी तय होगी।
अब तक विद्यालयों में एमडीएम पंजिका में भोजन करने वाले बच्चों की संख्या दर्ज कर वितरण की जानकारी दी जाती थी, लेकिन नई व्यवस्था में केवल आंकड़े दर्ज करने से काम नहीं चलेगा।
स्कूलों को भोजन की थाली और भोजन करते बच्चों की तस्वीरें भी डिजिटल रिकार्ड में दर्ज करनी होंगी। इससे अधिकारियों को स्कूलों में बनने वाले भोजन और बच्चों को परोसे जाने वाले खाने की वास्तविक स्थिति का पता चल सकेगा।
निर्देशों के अनुसार प्रत्येक विद्यालय से प्रतिदिन अधिकतम पांच फोटो अपलोड किए जा सकेंगे। इसकी जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक अथवा प्रभारी प्रधानाध्यापक की होगी।
निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन तैयार कराने के साथ उसकी गुणवत्ता बनाए रखना भी अनिवार्य होगा। सोमवार को फल और बुधवार को दूध वितरण की फोटो भी अपलोड करनी होगी।
नई व्यवस्था से विद्यालयों में एमडीएम वितरण की निगरानी मुख्यालय स्तर से भी की जा सकेगी। यदि भोजन की गुणवत्ता में कमी, वितरण में लापरवाही अथवा रिकार्ड में गडबड़ी सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों की जवाबदेही तय की जाएगी।
प्रधानाध्यापक निभाएंगे जिम्मेदारी
परिषदीय विद्यालयों में इस व्यवस्था को लागू किया जा रहा है। इसकी जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक अथवा प्रभारी प्रधानाध्यापक को सौंपी गई है। उन्हें प्रतिदिन प्रत्येक विद्यालय से अधिकतम पांच फोटो एप पर अपलोड करनी होंगी।
इसमें भोजन की थाली और भोजन करते बच्चों की तस्वीरें शामिल होंगी। योजना से जुड़े शिक्षकों के अनुसार, तस्वीरें डिजिटल रिकार्ड में दर्ज होने से एमडीएम वितरण की निगरानी करना आसान होगा।
अधिकारी स्कूलों में भोजन की गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था का आकलन कर सकेंगे। साथ ही बच्चों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन उपलब्ध कराने में भी पारदर्शिता आएगी।
शासन की मंशा के अनुरूप परिषदीय विद्यालयों में एमडीएम व्यवस्था की निगरानी को प्रभावी बनाया जा रहा है। प्रधानाध्यापकों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार फोटो अपलोड करने के निर्देश दिए जाएंगे। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना और वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाना है।
- विनोद कुमार, बीईओ रजपुरा
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