संभल हिंसा मामला: 'धमाके, काला धुआँ और पथराव...', गवाह विष्णु शंकर जैन ने कोर्ट में बयाँ किया उस खौफनाक दिन का सच!
संभल हिंसा मामले में प्रमुख गवाह विष्णु शंकर जैन ने कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराया, जिसमें उन्होंने मस्जिद सर्वे ...और पढ़ें

अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन
HighLights
कोर्ट में गवाह विष्णु शंकर जैन की मुख्य परीक्षा पूरी, 29 अक्टूबर को होगी जिरह
संवाद सहयोगी, चंदौसी (संभल)। संभल हिंसा मामले में गुरुवार को अपर जिला न्यायाधीश के न्यायालय में सुनवाई हुई। इस दौरान मुकदमा अपराध संख्या 337/24 में प्रमुख गवाह और शाही जामा मस्जिद बनाम हरिहर मंदिर के वादी अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन की मुख्य परीक्षा दर्ज की गई। अब इस मामले में अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को होगी।
न्यायालय के समक्ष गवाही देते हुए विष्णु शंकर जैन ने बताया कि 24 नवंबर 2024 को अदालत के आदेश के बाद कोर्ट कमिश्नर के नेतृत्व में सर्वे टीम शाही जामा मस्जिद/हरिहर मंदिर परिसर का निरीक्षण करने गई थी।
सर्वे के दौरान मस्जिद के बाहर धीरे-धीरे लोगों की भीड़ जुटने लगी और मजहबी नारे गूंजने लगे। कुछ ही देर में स्थिति बिगड़ गई और भीड़ की तरफ से पथराव शुरू हो गया, साथ ही मस्जिद में भी पत्थर फेंके गए।
गवाह ने न्यायालय को यह भी बताया कि इस दौरान इलाके में धमाके होने लगे और मस्जिद/हरिहर मंदिर के पीछे से काला धुआं उठता दिखाई दिया।
उन्होंने बताया कि हिंसा के दौरान शाही मस्जिद/हरिहर मंदिर की छत से देखा कि आक्रोशित भीड़ वाहनों को निशाना बना रही थी और एक बाइक में आग भी लगा दी गई।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सर्वे पूरा कराया और सर्वे टीम को सुरक्षित एक गली के रास्ते कोतवाली तक पहुंचाया।
हिंसा से जुड़े कई सवालों के जवाब गवाह की ओर से दिए गए। विशेष लोक अभियोजक शालिनी ने बताया कि 29 अक्टूबर सुनवाई के दिन गवाह से जिरह की जाएगी।
बता दें कि 19 नवंबर 2024 को अधिवक्ता हरिशंकर जैन समेत आठ लोगों ने जामा मस्जिद के हरिहर मंदिर होने के दावे को लेकर न्यायालय में वाद दायर किया था।
उसी दिन अदालत ने कोर्ट कमिश्नर से सर्वे कराने के आदेश दिए थे, जिसके बाद प्रशासन की मौजूदगी में मस्जिद का सर्वे संपन्न हुआ था। फिर 24 नवंबर की सुबह मस्जिद के दूसरे सर्वे के दौरान हिंसा भड़क उठी थी।
इस हिंसक झड़प में मुहम्मद कैफ, नईम, अयान और बिलाल की मौत हो गई थी, जबकि एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई, एएसपी अनुज चौधरी और डिप्टी कलेक्टर समेत 29 पुलिसकर्मी घायल हुए थे।
ये होती है मुख्य परीक्षा
न्यायालय में मुख्य परीक्षा, वह प्रारंभिक प्रक्रिया है। जिसमें किसी मुकदमे को दाखिल करने वाला पक्ष या सरकारी अधिवक्ता अपने ही गवाह से या खुद गवाह बनकर अदालत के सामने बयान दर्ज कराता है।
यह भी पढ़ें- संभल हिंसा: बिलाल हत्याकांड के मुख्य आरोपी अफरोज ने कोर्ट में नकारे आरोप, कहा- पुलिस ने किया प्रताड़ित
