विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

सबकी क्लास लगाने चले थे! ऑनलाइन नुकसान पर वित्त मंत्रालय से लेकर बैंक प्रबंधकों पर कर दिए 22 मुकदमे

Published: Tue, 03 Nov 2026 05:16 PM (IST)

चंदौसी के विनोद अग्रवाल ने उच्च अधिकारियों, ऑनलाइन कंपनियों, बैंकों और कोल्ड स्टोर मालिकों पर 22 मुकदमे दायर किए, जिनमें से कई खारिज हो चुके हैं।

एआई इमेज

एआई इमेज

HighLights

  1. पांच रिवीजन याचिकाएं भी खारिज, कोल्ड स्टोर संचालकों पर भी लगाए आरोप

संवाद सहयोगी, चंदौसी (संभल)। जनपद न्यायालय और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत से एक बेहद अजीबोगरीब प्रकरण सामने आया है। बनियाठेर के अशोक नगर निवासी विनोद अग्रवाल ने देश के उच्च पदों पर तैनात अधिकारियों, आनलाइन ट्रेडिंग कंपनियों के स्वामियों, बैंक अधिकारियों और कोल्ड स्टोर स्वामियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए सीजेएम अदालत में सीआरपीसी के धारा 156 (3) और बीएनएसएस की धारा 173 (4) के तहत एक के बाद एक 22 वाद दायर कर दिए।

इनमें से कई मामलों को न्यायालय ने परिवाद के रूप में दर्ज किया, जबकि कुछ निरस्त कर दिए गए। सीजेएम न्यायालय द्वारा खारिज किए गए मामलों में वादी ने आदेश को चुनौती देते हुए जनपद न्यायाधीश की अदालत में पांच रिवीजन याचिकाएं दायर की थीं, जिन्हें जनपद न्यायाधीश ने सीजेएम के आदेश को सही ठहराते हुए खारिज कर दिया है।

जिला शासकीय अधिवक्ता राहुल दीक्षित ने बताया कि आनलाइन ट्रेडिंग का काम करने वाले विनोद अग्रवाल ने पिछले कुछ वर्षों में सीजेएम अदालत में 22 वाद दाखिल किए गए हैं।

उसने आनलाइन ट्रेडिंग व्यापार के दौरान कथित धोखाधड़ी और अवैध पेनल्टी वसूलने के मामले में जयपुर की आनलाइन ट्रेडिंग कंपनी मोती संस कमोडिटीज प्राइवेट लिमिटेड के साथ-साथ भारत सरकार के निदेशक रोजमेरी के. अब्राहम, उप सचिव कार्ड एफएम डिवीजन डीईए मनीष कुमार झा, प्रमुख सेबी / एफएमसी बांद्रा ईस्ट मुंबई, प्रमुख एमसीएक्स / एफएमसी अंधेरी ईस्ट मुंबई सचिव वित्त मंत्रालय, अवर सचिव आर्थिक कार्य विभाग को पक्षकार बनाया था।

सुनवाई के बाद सीजेएम न्यायालय ने इस परिवाद को खारिज कर दिया, जिसके खिलाफ वादी ने जनपद न्यायाधीश की अदालत में रिवीजन याचिका दाखिल की थी। न्यायालय ने सुनवाई के बाद याचिका को भी निरस्त कर दिया।

डीजीसी राहुल दीक्षित ने बताया कि वादी विनोद अग्रवाल देश के प्रतिष्ठित और उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों के खिलाफ झूठे वाद दायर कर न्यायालय का समय बर्बाद कर रहे हैं।

उसने संभल के कोल्ड स्टोर स्वामी अजय सिंघल, कपिल सिंघल, सार्थक सिंघल, अंकुर अग्रवाल, विकास अग्रवाल और सुरजीत पर मारपीट व जानलेवा हमले का आरोप लगाते हुए परिवाद दाखिल किया था।

इसके अलावा विनोद अग्रवाल ने दिल्ली के बुराड़ी स्थित केनरा बैंक के शाखा प्रबंधक व वरिष्ठ अधिकारियों और बुलंदशहर के पंजाब नेशनल बैंक के प्रबंधक, क्षेत्रीय प्रबंधक व मुख्य निदेशक पर करोड़ों के घोटाले का आरोप लगाते हुए भी न्यायालय में वाद दायर किया था।

यह सभी प्रकरण न्यायालय से खारिज होने के बाद रिवीजन याचिका के स्तर पर निरस्त कर दिए है। जबकि अन्य मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं।

यह भी पढ़ें- दीपावली की खुशियों पर अंधेरे का साया: 35 लाख बकाये पर संभल में 550 कनेक्शन कटे

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।