मर्डर या तेंदुए का हमला? जंगल में फटे कपड़ों में मिला किसान, शरीर पर नाखूनों के निशान से उलझी पुलिस
संभल के सैदपुर निबोला जंगल में ओमप्रकाश माथुर की मौत रहस्य बन गई है, पुलिस हत्या और तेंदुए के हमले ...और पढ़ें

ओमप्रकाश का फाइल फोटो
HighLights
फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य, देर रात एसपी ने किया घटनास्थल का निरीक्षण, शरीर पर थे फटे हुए कपड़े
जागरण संवाददाता, संभल। असमोली थाना क्षेत्र के गांव सैदपुर निबोला के जंगल में ओमप्रकाश माथुर की मौत का मामला उलझ गया है। शरीर पर नाखूनों जैसे निशान और घटनास्थल के पास मिले पंजों के निशान से तेंदुए के हमले की आशंका जताई जा रही है। एएसपी सुमित रामटेके का कहना है कि ओमप्रकाश को तेंदुए ने शिकार बनाया हो सकता है।
उधर,स्वजन ने हत्या का आरोप लगाते हुए शिकायती पत्र दिया है। ऐसे में पुलिस हत्या और वन्यजीव के हमले, दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। ओमप्रकाश के शरीर पर कपड़े भी फटे हुए थे।
गांव सैदपुर निबोला निवासी ओमप्रकाश माथुर शनिवार शाम करीब 4:30 बजे घर से निकले थे। काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर स्वजन ने तलाश शुरू की। रात आठ बजे के करीब गांव के पास जंगल में एक खेत के पास कच्चे रास्ते पर गंभीर घायल अवस्था में पड़े मिले।
उनके शरीर पर नाखूनों से बने घाव जैसे निशान थे। पुलिस ने उन्हें निजी वाहन से जिला अस्पताल संभल पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटनास्थल के पास पंजों के निशान मिलने से तेंदुए के हमले की आशंका और गहरा गई है।
अमरोहा जिले की सीमा से सटे इस इलाके में भी तेंदुए की सक्रियता को लेकर आशंका जताई जा रही है। अमरोहा की सीमा भी यहां से करीब 15 किलोमीटर है।
ऐसे में तेंदुए की मौजूदगी के बीच पुलिस इस संभावना को भी गंभीरता से ले रही है कि ओमप्रकाश पर जंगली जानवर ने हमला किया हो। उधर, ओमप्रकाश के बेटे कृष्णा माथुर ने अज्ञात लोगों पर पिता की हत्या करने का आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायती पत्र दिया है।
पुलिस गांव के पूर्व प्रधान को भी पूछताछ के लिए थाने ले गई। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। देर रात एसपी विकास चंद्र त्रिपाठी भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
पुलिस के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि ओमप्रकाश की मौत किसी हमले में हुई या वह तेंदुए का शिकार बने। शरीर पर मिले घाव, घटनास्थल पर पंजों के निशान, फोरेंसिक साक्ष्य और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को जांच का आधार बनाया जा रहा है।
ओमप्रकाश को रास्ते में छोड़कर चले गए थे दो साथी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस अधीक्षक विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि ओमप्रकाश के साथ दो अन्य साथी भी थे। वह उसे बीच रास्ते में छोड़कर चले गए थे। क्योंकि ओमप्रकाश नशे की हालत में था।
ओमप्रकाश के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। उसकी रिपोर्ट के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। हालांकि इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि उन्हें किसी जंगली जानवर न शिकार बनाया है।
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