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भाजपा नेता की ताजपोशी पर कानून की विदाई! कार की छत पर बैठे प्रदेश मंत्री, देखते रही पुलिस

Published: Sat, 31 Oct 2026 07:57 PM (IST)

भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश मंत्री दानिश ने संभल में समर्थकों संग शक्ति प्रदर्शन किया, जिसमें यातायात नियमों का खुलेआम ...और पढ़ें

कार की छत पर बैठे भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश मंत्री दानिश

कार की छत पर बैठे भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश मंत्री दानिश

HighLights

  1. खनन और भू-माफिया के आरोपों से घिरे दानिश ने प्रदेश मंत्री बनने के बाद समर्थकों संग किया शक्ति प्रदर्शन

  2. पुलिस चौकी से चंदौसी चौराहे तक उड़ती रहीं यातायात नियमों की धज्जियां, दूसरे दिन भी कार्रवाई नहीं

जागरण संवाददाता, संभल। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा में प्रदेश मंत्री की ताजपोशी के बाद दानिश का जिले में पहला आगमन सियासी शक्ति प्रदर्शन में तब्दील हो गया। दर्जनों गाड़ियों के काफिले के साथ निकले दानिश खुद कार की छत पर बैठे नजर आए। उनके बराबर में भाजपा के पवांसा ब्लाक प्रमुख पति हृदेश भी मौजूद थे। समर्थकों के इस काफिले में यातायात नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ती रहीं, लेकिन पुलिस तमाशबीन बनी रही।

शुक्रवार को हुए इस घटनाक्रम के बाद शनिवार को भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या राजनीतिक पद और रसूख के आगे कानून के पालन की जिम्मेदारी भी बौनी पड़ गई?

दानिश का काफिला खिरनी पुलिस चौकी, चौधरी सराय पुलिस चौकी से होकर चंदौसी चौराहे और फिर नूरियो सराय पुलिस होते हुए गांव जोगीपुर तक पहुंचा।

इस दौरान कार की छत पर बैठकर सफर करने और काफिले के जरिए यातायात नियमों की अनदेखी के दृश्य सामने आए। पुलिस चौकियों के सामने से लेकर प्रमुख चौराहों तक काफिला गुजरता रहा, लेकिन पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।

दरअसल, दानिश को भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा का प्रदेश मंत्री बनाए जाने के बाद से ही संगठन में विरोध के स्वर उठने लगे थे। पार्टी के नगर पालिका के नामित सदस्य शान अली ने दानिश पर खनन और भू-माफिया से जुड़े होने के गंभीर आरोप लगाए थे।

इन आरोपों के बीच प्रदेश मंत्री बनने के बाद समर्थकों के साथ निकला उनका काफिला अब नई चर्चा का विषय बन गया है। संगठन के भीतर नियुक्ति को लेकर उठे सवालों के बीच सड़क पर इस तरह का शक्ति प्रदर्शन राजनीतिक संदेश देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

दानिश का कहना है कि उनके द्वारा कोई स्टंट नहीं किया गया बल्कि वह कार के ऊपर ही बैठे थे। ये शक्ति प्रदर्शन नहीं, बल्कि समर्थकों द्वारा स्वागत किया गया था। उधर, ब्लाक प्रमुख पति हृदेश यादव को फोन किया मगर, काल रिसीव नहीं हुई।

यातायात प्रभारी जगरोशन सिंह का कहना है कि अभी इस मामले में कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों का कोई आदेश नहीं मिला है। वीडियो भी नहीं मिली है। मामला भी मीडिया के माध्यम से पता चला है।

आम आदमी पर चालान, रसूखदारों पर खामोशी क्यों?

यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर आम वाहन चालकों के खिलाफ पुलिस तत्काल चालान और कार्रवाई करती है। मगर यहां पुलिस चौकी के सामने से दर्जनों गाड़ियों का काफिला गुजर गया।

कार की छत पर बैठकर सफर करने के बावजूद कोई कार्रवाई सामने नहीं आई। शुक्रवार के घटनाक्रम के बाद शनिवार को भी पुलिस की चुप्पी बरकरार रही। वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुए।

ऐसे में सवाल है कि कानून सबके लिए बराबर है तो फिर राजनीतिक पदाधिकारियों के काफिले पर कार्रवाई का इंतजार क्यों? पुलिस प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है, यह देखना बाकी है।

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