कागजी हेराफेरी से हड़पी थी 101 करोड़ की जमीन, अब संभल प्रशासन वहां बसाएगा नया औद्योगिक शहर
संभल में 101 करोड़ रुपये की फर्जी पट्टे वाली 35 बीघा ग्राम समाज की जमीन अब औद्योगिक गतिविधियों के लिए ...और पढ़ें

एआई इमेज
HighLights
35 बीघा ग्राम समाज की जमीन पर औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की तैयारी, चार-पांच दिन में कब्जा लेकर शुरू होगी आवंटन प्रक्रिया
जागरण संवाददाता, संभल। फर्जी पट्टे के सहारे ग्राम समाज की 101 करोड़ रुपये कीमत की जमीन हड़पने का खेल अब खत्म होने जा रहा है। जिस 35 बीघा जमीन पर कब्जे और कागजी हेराफेरी का विवाद वर्षों तक चला, वहां अब उद्योगों के जरिए रोजगार की नई इबारत लिखने की तैयारी है।
हाईकोर्ट से आरोपित पक्ष की याचिका खारिज होने के बाद जिला प्रशासन ने जमीन को अपने कब्जे में लेकर औद्योगिक गतिविधियों के लिए आवंटित करने की योजना बनाई है।
अगले चार-पांच दिन में कब्जा लेकर आवंटन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। मुरादाबाद रोड स्थित पांच गाटा संख्या की इस जमीन को फर्जी पट्टे के आधार पर हड़पने का मामला सामने आया था।
जांच में पता चला कि वर्ष 2008 में तत्कालीन उपसंचालक चकबंदी ने कथित फर्जी पट्टे के आधार पर जमीन का नामांतरण सैयदुल रहमान के नाम कर दिया था। इसके बाद वर्ष 2014 से 2019 के बीच जमीन कई लोगों को बेच दी गई।
यहां पर कई भवन भी बने हुए हैं। जांच में पालिका के अभिलेखों में पट्टे का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। वर्ष 1967 में पट्टा दिए जाने का दावा भी दस्तावेजों से प्रमाणित नहीं हो सका। जिला प्रशासन ने 27 जून 2026 को फर्जी आवंटन निरस्त करने का आदेश दिया था।
इसके खिलाफ आरोपित पक्ष ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। इस मामले में तत्कालीन अधिशासी अधिकारी राजकुमार गुप्ता को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
हालांकि, उन्हें बाद में जमानत मिल गई। पालिका के सेवानिवृत्त मानचित्रकार शहाबुद्दीन और पैरोकार माजिद खान समेत अन्य आरोपित अभी फरार हैं। लेखपाल की शिकायत पर 31 नामजद लोगों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज हुई थी।
यहां नए उद्योगों को जगह देने के साथ ही गलियों और आबादी के बीच संचालित मेंथा फैक्ट्रियों को शिफ्ट करने की संभावना भी तलाशी जा रही है। इससे औद्योगिक गतिविधियों को व्यवस्थित करने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
चार-पांच दिन में जमीन को प्रशासन अपने कब्जे में ले लेगा। इसके बाद आवंटन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जमीन का उपयोग औद्योगिक गतिविधियों के लिए किया जाएगा। गलियों में संचालित मेंथा फैक्ट्रियों को भी यहां शिफ्ट करने की संभावना पर विचार किया जा सकता है। वहां पर बने भवनों को हटवाया जाएगा।
- अंकित खंडेलवाल, डीएम, संभल
यह भी पढ़ें- पकड़ने गए तो खुद ही शिकार बन गए! संभल में जाल से छूटकर कुत्ते का तांडव, सभासद समेत 2 को काटा
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।