संभल हिंसा: मुल्ला अफरोज ने कोर्ट में सौंपे 11 गवाह, अभियोजन ने बताया न्यायिक प्रक्रिया में बाधा
संभल हिंसा से जुड़े बिलाल हत्याकांड में मुख्य आरोपित मुल्ला अफरोज ने न्यायालय में 11 गवाहों की सूची पेश की, ...और पढ़ें

फाइल फोटो।
HighLights
मुल्ला अफरोज ने 11 गवाहों की सूची अदालत में पेश की।
अभियोजन पक्ष ने गवाहों की लंबी सूची पर आपत्ति जताई।
न्यायालय ने अतिरिक्त समय की अर्जी खारिज की, गवाह खुद लाएं।
संवाद सहयोगी, चंदौसी(संभल)। संभल हिंसा से जुड़े बिलाल हत्याकांड मामले में सोमवार को जनपद न्यायालय में सुनवाई के दौरान मुख्य आरोपित मुल्ला अफरोज ने अपने बचाव में फारेंसिक एक्सपर्ट समेत 11 गवाहों की सूची अदालत में पेश की। साथ ही प्रार्थना पत्र देकर इन सभी गवाहों को अदालत द्वारा तलब करने की मांग की। मामले की अगली सुनवाई अब 13 अक्टूबर को होगी।
सोमवार को आरोपित मुल्ला अफरोज अपने अधिवक्ताओं के साथ न्यायालय के समक्ष उपस्थित हुआ। उसने गवाहों की सूची के अलावा तीन अन्य प्रार्थना पत्र भी प्रस्तुत किए। इसमें कुछ अतिरिक्त साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए समय देने, व्हाट्स एप चैटिंग, नक्शा और कैलेंडर को सफाई साक्ष्य के रूप में रिकार्ड पर लेने की अनुमति मांगी गई।
वहीं जिला शासकीय अधिवक्ता राहुल दीक्षित ने आरोपित द्वारा दी गई 11 गवाहों की लंबी सूची और प्रार्थना पत्रों पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने न्यायालय में आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि गवाहों की इतनी लंबी सूची सौंपने का मुख्य उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया को बाधित करना और अदालत का कीमती समय बर्बाद करना है।
संभल हिंसा में बिलाल समेत चार लोगों की हुई थी मौत
फॉरेंसिक एक्सपर्ट प्रियंका अग्रवाल को गवाह बनाए जाने की मांग पर शासकीय अधिवक्ता ने स्पष्ट किया कि विधि विज्ञान प्रयोगशाला और फारेंसिक रिपोर्ट पहले से ही पत्रावली में शामिल है। इसलिए किसी निजी एक्सपर्ट की राय का अब कोई औचित्य नहीं रह जाता। विदित हो कि 19 नवंबर 2024 को अधिवक्ता हरिशंकर जैन समेत आठ लोगों ने जामा मस्जिद के हरिहर मंदिर होने के दावे को लेकर न्यायालय में वाद दायर किया था।
उसी दिन अदालत ने कोर्ट कमिश्नर से सर्वे कराने के आदेश दिए थे, जिसके बाद प्रशासन की मौजूदगी में मस्जिद का सर्वे संपन्न हुआ था। इसके पश्चात 24 नवंबर की सुबह मस्जिद के दूसरे सर्वे के दौरान हिंसा भड़क उठी थी। इस हिंसक झड़प में मुहम्मद कैफ, नईम, अयान और बिलाल की मौत हो गई थी, जिनमें से बिलाल की हत्या के मामले में मुल्ला अफरोज और गुलाम मुख्य आरोपित हैं।
आरोपित गुलाम जेल से तलब
बिलाल हत्याकांड का दूसरा आरोपित गुलाम सोमवार को न्यायालय में पेश नहीं हुआ और न ही उसकी ओर से सफाई साक्ष्य के लिए कोई गवाह सूची प्रस्तुत की गई। गुलाम मुरादाबाद जिला कारागार में बंद हैं। उसे न्यायालय ने मंगलवार को सफाई साक्ष्य के लिए गवाहों की सूची प्रस्तुत करने के लिए तलब किया है।
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गवाहों को खुद लाएं मुल्ला अफरोज, कोर्ट ने खारिज की अतिरिक्त समय की अर्जी
चंदौसी। जनपद न्यायालय ने मुख्य आरोपित मुल्ला अफरोज के प्रार्थना पत्रों पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट आदेश किया है कि सफाई साक्ष्य के लिए आरोपित को अपने गवाहों को स्वयं न्यायालय में परीक्षित कराना होगा। वहीं महत्वपूर्ण साक्ष्य पेश करने के लिए मांगा गया अतिरिक्त समय देने से अदालत ने साफ इनकार कर दिया।
घटना के समय और मामले की संवेदनशीलता का उल्लेख करते हुए अदालत ने साक्ष्य जुटाने के लिए अतिरिक्त समय मांगने की अर्जी को खारिज कर दिया। इसके अलावा फारेंसिक एक्सपर्ट प्रियंका अग्रवाल की गवाही को लेकर दिए गए प्रार्थना पत्र पर अदालत ने कहा कि इस पर आगे विचार किया जाएगा।
