यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 06, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Sambhal Violence: संभल हिंसा मामले में एक और महिला गिरफ्तार, पुलिस के काफिले पर किया था पथराव
यूपी के संभल में 24 नवंबर को शहर में जामा मस्जिद के सर्वे के विरोध में हिंसा हुई थी। वहां ...और पढ़ें

संवाद सहयोगी, संभल। नखासा थाना पुलिस ने हिंसा के दौरान पुलिस के काफिले पर पथराव करने वाली महिला को प्रकाश में आने के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अन्य महिलाओं की तलाश में जुटी है।
मालूम हो कि 24 नवंबर को जामा मस्जिद में न्यायालय के आदेश पर एडवोेकेट कमिश्नर के सर्वे के दौरान हिंसा भड़क गई थी। इस दौरान पथराव और फायरिंग के साथ आगजनी की घटना को अंजाम दिया गया था। वहीं जामा मस्जिद के अलावा हिंदुपुरा खेड़ा के अलावा नखासा तिराहे पर भी उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव और वाहनों में आगजनी की थी। इतना ही नहीं कुछ महिलाओं ने भी पुलिस के काफिले पर छत से पथराव किया था।
हिंदुपुरा खेड़ा में भी महिलाओं ने छत पर चढ़कर पुलिस पर पथराव किया था। पुलिस वीडियो के आधार पर हिंदुपुरा खेड़ा से तीन महिलाओं को पहले ही पथराव करने के आरेाप में जेल भेज चुकी है। इसी क्रम में पुलिस ने वीडियो और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हिंसा में शामिल नखासा थाना क्षेत्र के हिंदुपुरा खेड़ा निवासी जिकरा पत्नी शुहेब को हसनपुर रोड स्थित पक्का बाग से गिरफ्तार किया है।
इस आरोपित महिला ने डीआईजी और एसपी के काफिले पर पथराव किया था। पथराव करने वाली बाकी आरोपित महिलाओं की भी पहचान की जा रही है। नखासा थाने के कार्यवाहक थाना प्रभारी शाह फैसल ने बताया कि हिंसा में शामिल हिंदुपुरा खेड़ा निवासी जिकरा को गिरफ्तार किया गया है और उसके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय से जेल भेज दिया गया है। इस आरोपित महिला ने पुलिस के काफिले पर पथराव किया गया था।
सीओ पर फायर करने वाला आरोपी गिरफ्तार
इससे पहले हिंसा के दौरान पुलिस कर्मियों से कारतूस लूटने के बाद सीओ सिटी अनुज चौधरी पर फायरिंग करने वाले गैंगस्टर को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उसके कब्जे से लूटे गए पांच कारतूस व एक तमंचा भी बरामद किया गया है।
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बता दें कि 24 नवंबर को शहर में जामा मस्जिद के सर्वे के विरोध में हिंसा हुई थी। वहां पर मुस्लिम संप्रदाय के लोगों ने फायरिंग, आगजनी और बेशुमार पथराव किया था। इस हिंसा में चार लोगों की मौत हुई थी और 30 से अधिक पुलिस कर्मी भी घायल हुए थे। इस मामले में सात केस दर्ज किए गए थे, जिसमें 35 लोगों को नामजद करते हुए 3,750 के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई है। अभी तक 51 बवालियों को गिरफ़्तार कर जेल भी भेजा जा चुका था।
