संभल: खुदकुशी को सड़क हादसा बताकर 30 लाख का बीमा क्लेम हड़पा, तीसरे क्लेम में खुला फर्जीवाड़ा
एक पिता ने अपने बेटे की खुदकुशी को सड़क हादसा दिखाकर दो बीमा कंपनियों से 30 लाख रुपये का क्लेम ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
पिता ने बेटे की खुदकुशी को सड़क हादसा बताया।
दो बीमा कंपनियों से 30 लाख रुपये का क्लेम लिया।
तीसरी कंपनी में 50 लाख के क्लेम से फर्जीवाड़ा उजागर।
जागरण संवाददाता, संभल। बेटे की खुदकुशी को सड़क हादसे में हुई मौत दर्शाकर उसके नाम पर बीमा क्लेम हासिल करने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। आरोप है कि मृतक के पिता ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर दो बीमा कंपनियों से 15-15 लाख रुपये यानी कुल 30 लाख रुपये हड़प लिए। तीसरी बीमा कंपनी निवा बूपा में 50 लाख रुपये का क्लेम पेश किए जाने पर जांच हुई तो फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हो गया।
मामले में रजपुरा पुलिस ने आरोपित पिता नेमपाल सिंह ने कुंदरकी क्षेत्र के गांव डोमधर निवासी मुस्तेजाब हुसैन और गांव मंसूरपुर निवासी मोहम्मद जावेद के साथ मिलकर सचिन की मौत को सड़क हादसा दर्शाने की साजिश रची।
इसी आधार पर दो बीमा कंपनियों से 15-15 लाख रुपये का क्लेम हासिल कर लिया गया। रजपुरा थाना प्रभारी संदीप कुमार ने बताया कि तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर चालान कर दिया है।
रजपुरा पुलिस ने आरोपित पिता और उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर भेजा जेल
निजी स्वास्थ्य बीमा कंपनी निवा बूपा के अधिकारी दिनेश गुप्ता ने रजपुरा पुलिस को दी शिकायत में बताया कि मुरादाबाद के एकता कालोनी निवासी नेमपाल सिंह ने अपने बेटे सचिन कुमार के नाम पर 50 लाख रुपये की बीमा पॉलिसी कराई थी। इस पॉलिसी में नेमपाल सिंह नामिनी थे। इसके लिए 5,179 रुपये का प्रीमियम जमा किया गया था। पॉलिसी 27 जून 2026 को जारी हुई थी। इसके बाद 14 सितंबर 2026 को सचिन कुमार की मृत्यु के संबंध में 50 लाख रुपये का क्लेम प्रस्तुत किया गया। क्लेम की जांच के लिए कंपनी ने अमेबल कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को जिम्मेदारी सौंपी।
सचिन की मृत्यु तो आठ फरवरी 2024 को ही हो चुकी थी
जांच में सामने आया कि सचिन की मृत्यु तो आठ फरवरी 2024 को ही हो चुकी थी। उसने अपने ही घर पर खुदकुशी की थी। इसके बावजूद बीमा क्लेम के लिए उसकी मौत को बाद में रजपुरा थाना क्षेत्र में सड़क हादसे में हुआ बताया गया। क्लेम के समर्थन में प्रस्तुत पुलिस की जीडी/डीडी प्रविष्टि, पंचनामा और अन्य संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन कराया गया तो वे कथित तौर पर फर्जी पाए गए या वास्तविक अभिलेखों से मेल नहीं खाते थे।
पत्नी ने भी लिखित घोषणा में संबंधित दस्तावेजों को कथित तौर पर फर्जी बताया
मृतक की पत्नी ने भी लिखित घोषणा में संबंधित दस्तावेजों को कथित तौर पर फर्जी बताया है। अब जांच में यह भी सामने आया कि आरोपित पिता और उसके दोनों साथियों ने निवा बूपा में 50 लाख रुपये का क्लेम पेश करने से पहले आईसीआई लोम्बार्ड और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी से 15-15 लाख रुपये हासिल कर लिए थे। अब इन दोनों कंपनियों की ओर से भी रकम की वसूली के लिए नोटिस जारी किए जाने की बात कही जा रही है।
