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यूपी पंचायत चुनाव में 14 बिंदुओं की रिपोर्ट तय करेगी आरक्षण, योगी सरकार ने सभी जिलों से मांगा ब्यौरा

Published: Mon, 27 Jul 2026 06:18 PM (IST)

शासन ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के लिए आरक्षण तय करने हेतु जिलों से 14 बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

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HighLights

  1. शासन ने पंचायत चुनावों के लिए 14 बिंदुओं की रिपोर्ट मांगी।

  2. ग्राम पंचायतवार ओबीसी, एससी-एसटी आबादी का ब्यौरा शामिल।

  3. सहारनपुर ने रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी।

जागरण संवाददाता, सहारनपुर। प्रस्तावित त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की तैयारियां तेज हो गई हैं। ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के पदों पर आरक्षण तय करने के लिए शासन ने नई प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत सभी जिलों से ग्राम पंचायतवार 14 बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है, जिसके आधार पर आरक्षण का अंतिम खाका तैयार किया जाएगा।

ग्राम पंचायतों में प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को पूरा हो चुका है। इसके साथ ही जिला पंचायत, ब्लाक प्रमुखों का कार्यकाल भी पूरा हो चुका है। विकास के कार्य ना रूके प्रधान, जिला पंचायत अध्यक्ष, ब्लाक प्रमुख को ही प्रशासन नियुक्त किया गया है।

हालांकि, इनके कुछ अधिकार सीज भी किए गए हैं। गांवों में कार्यकाल खत्म होने से पहले ही प्रधानी की दावेदारी ठोक दी थी। मगर तय समय पर चुनाव ना होने के कारण दावेदार ढीले पड़ गए थे। अब शसन की तरफ से फिर से ब्यौरा मांगने के बाद हलचल शुरू हो गई हैं।

पंचायतवार सामाजिक एवं जनसंख्या संबंधी आंकड़े तलब

बता दें कि पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन के बाद शासन ने आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया को अधिक तथ्यपरक और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से पंचायतवार सामाजिक एवं जनसंख्या संबंधी आंकड़े तलब किए हैं। पंचायत राज विभाग ने निर्धारित प्रारूप में सभी सूचनाएं संकलित कर रिपोर्ट तैयार कर ली है, जिसे जल्द शासन को भेजा जाएगा।

शासन द्वारा मांगी गई रिपोर्ट में प्रत्येक ग्राम पंचायत का नाम, कुल जनसंख्या, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की आबादी और उसका प्रतिशत, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या, ग्राम पंचायत में कुल वार्डों की संख्या, पूर्व में लागू आरक्षण की स्थिति सहित 14 महत्वपूर्ण बिंदुओं का विवरण शामिल है। इन आंकड़ों के आधार पर पंचायतवार आरक्षण का नया प्रारूप तैयार किया जाएगा।

पंचायत राज विभाग के अधिकारियों के अनुसार शासन स्तर पर सभी जिलों से प्राप्त रिपोर्ट के बाद आरक्षण की अंतिम सूची जारी की जाएगी। इसके बाद आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी और उनका निस्तारण होने के उपरांत पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी होने की संभावना है।

ऐसे में संभावित प्रत्याशियों की नजर अब आरक्षण सूची पर टिकी हुई है। जिला पंचायत राज अधिकारी प्रदीप कुमार द्विवेदी ने बताया कि शासन द्वारा मांगे गए सभी 14 बिंदुओं पर सूचनाएं निर्धारित प्रारूप में तैयार कर ली गई हैं।

उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतवार जनसंख्या एवं आरक्षण से संबंधित सभी आंकड़ों का संकलन कर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। शासन के निर्देशानुसार इसे समयबद्ध तरीके से भेजा जाएगा। आरक्षण का अंतिम निर्णय शासन स्तर पर ही लिया जाएगा।

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