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देवरिया में पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज, नए आरक्षण के लिए जुटाए जा रहे आंकड़े

Published: Sun, 12 Jul 2026 12:07 PM (IST)

प्रदेश सरकार ने ग्राम पंचायतों में नए आरक्षण का खाका तैयार करने की कवायद तेज कर दी है, जिसके तहत ...और पढ़ें

शासन ने प्रदेश के सभी जनपदों से मांगा है पिछड़ा वर्ग का विस्तृत ब्योरा। जागरण

शासन ने प्रदेश के सभी जनपदों से मांगा है पिछड़ा वर्ग का विस्तृत ब्योरा। जागरण

HighLights

  1. ग्राम पंचायतों में नए आरक्षण की प्रक्रिया शुरू।

  2. देवरिया से सामाजिक और जातिगत ब्योरा मांगा गया।

  3. पिछड़ा वर्ग आयोग आरक्षण का अंतिम स्वरूप तय करेगा।

सुधांशु त्रिपाठी, देवरिया। पंचायत चुनाव की आहट के साथ ही प्रदेश सरकार ने ग्राम पंचायतों में नए आरक्षण का खाका तैयार करने की कवायद तेज कर दी है। उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन के बाद शासन ने सभी जिलों से ग्राम पंचायतों और उनके वार्डों का विस्तृत सामाजिक एवं जातिगत ब्योरा मांगा है।

जिला प्रशासन ने भी निर्धारित प्रारूप के अनुसार आंकड़े संकलित कर शासन को भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि इन आंकड़ों के आधार पर ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य और अन्य पदों के आरक्षण का अंतिम स्वरूप तय किया जाएगा।

शासन ने जिला प्रशासन से 14 बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी मांगी है। इसमें प्रत्येक ग्राम पंचायत की कुल आबादी, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) की जनसंख्या, उनका प्रतिशत, ग्राम पंचायत के कुल वार्डों की संख्या, पिछले पंचायत चुनाव में आरक्षण की स्थिति तथा आरक्षण निर्धारण से जुड़े अन्य आवश्यक आंकड़े शामिल हैं। इन सूचनाओं का परीक्षण उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग करेगा, जिसके बाद आरक्षण की नई सूची तैयार होगी।

जिले में पंचायत चुनाव का कार्यकाल भी समाप्ति की ओर है। ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो चुका है और शासन ने निवर्तमान प्रधानों को ग्राम पंचायतों का प्रशासक नियुक्त किया है। जिला पंचायत अध्यक्ष का कार्यकाल 11 जुलाई को समाप्त हो रहा है, जबकि जिले के सभी 16 विकास खंडों के ब्लाक प्रमुखों का कार्यकाल 19 जुलाई को पूरा हो जाएगा। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि चुनाव संपन्न होने तक इन पदों का दायित्व भी प्रशासकों को सौंपा जा सकता है।

वर्ष 2021 में जिले की 1186 ग्राम पंचायतों में पंचायत चुनाव हुए थे, लेकिन बाद में नगर निकायों के विस्तार के कारण 65 ग्राम पंचायतें नगर निकायों में शामिल हो गईं। इसके चलते अब जिले में ग्राम पंचायतों की संख्या घटकर 1121 रह गई है।

परिसीमन के बाद प्रतिनिधियों की संख्या में भी बदलाव हुआ है। क्षेत्र पंचायत सदस्य (बीडीसी) के वार्ड 1365 से घटकर 1282 हो गए हैं, जबकि जिला पंचायत सदस्य के वार्ड 56 से घटकर 51 रह गए हैं। ग्राम पंचायत सदस्यों की कुल संख्या 13,799 रहेगी।

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जिला प्रशासन का मानना है कि शासन को समयबद्ध ढंग से रिपोर्ट भेजने के बाद आयोग आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया को अंतिम रूप देगा। इसके बाद शासन नई आरक्षण सूची जारी करेगा और फिर पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी होने का रास्ता साफ होगा। प्रशासनिक स्तर पर चुनाव संबंधी तैयारियां भी समानांतर रूप से आगे बढ़ रही हैं।

जिले में प्रस्तावित चुनावी तस्वीर

  • ग्राम प्रधान : 1121
  • ग्राम पंचायत सदस्य : 13,799
  • क्षेत्र पंचायत सदस्य (बीडीसी) : 1282
  • जिला पंचायत सदस्य : 51



शासन के निर्देशानुसार ग्राम पंचायतों, वार्डों तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या से संबंधित सभी आंकड़े एकत्र कर भेजे जा रहे हैं। यह रिपोर्ट पंचायत चुनाव में आरक्षण तय करने की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण आधार बनेगी।

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-रतन कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी, देवरिया