उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव: फरवरी तक तैयार हो पाएगी पिछड़ा आयोग की रिपोर्ट, अब तक 11 जिलों का भ्रमण
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में पिछड़ा वर्ग का आरक्षण तय करने वाली समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट अगले वर्ष फरवरी तक तैयार हो जाएगी।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में पिछड़ा वर्ग का आरक्षण तय करने के लिए गठित समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट अगले वर्ष फरवरी तक तैयार हो पाएगी। आयोग ने जिलों का दौरा शुरू कर पंचायत निकायों में पिछड़ों वर्गों के प्रतिनिधित्व का अध्ययन कर दिया है।
आयोग के अध्यक्ष हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश राम औतार सिंह के मुताबिक प्रदेश की यह रिपोर्ट भविष्य में सभी राज्यों के लिए मानक दस्तावेज का काम करेगी। किसी भी राज्य में अब तक पंचायत निकायों में ओबीसी आरक्षण के लिए इस तरह की कोई रिपोर्ट नहीं बनाई गई है।
अध्यक्ष के मुताबिक, पहली बार उत्तर प्रदेश में इस आयोग का गठन किया गया है। आयोग ने मेरठ, हापुड़, बागपत, सीतापुर, बाराबंकी, हरदोई, रायबरेली, अमेठी, अयोध्या, सुल्तानपुर तथा अंबेडकर नगर जिले का भ्रमण कर लिया है। जिलों का भ्रमण व अध्ययन कार्यक्रम ही दिसंबर तक पूरा हो पाएगा, इसके बाद दो माह रिपोर्ट तैयार करने में लग सकते हैं।
मंगलवार से आयोग संभल, मुरादाबाद, रामपुर, अमरोहा और बिजनौर के दौरे पर है। हर जिले में जिला मुख्यालय पर बैठक के साथ ही आयोग की टीम दो ब्लाक और दो पंचायतों में जा रही है।
इस भ्रमण में पंचायत निकायों में पिछड़े वर्गों का प्रतिनिधित्व व आरक्षण की वास्तविक आवश्यकता का अध्ययन किया जा रहा है। जनसंख्या, सामाजिक स्थिति और चुनावी प्रतिनिधित्व का भी अध्ययन किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 18 मई को प्रदेश में पहली बार उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। 19 मई को पंचायती राज विभाग ने आयोग के गठन का आदेश जारी कर दिया था।
