असली से हल्का निकला नकली सिक्का: रजिस्टरों में बंद है काला कारोबार; सहारनपुर पुलिस खंगाल रही नेटवर्क
Saharanpur News: सहारनपुर पुलिस ने 20 रुपये के नकली सिक्के बनाने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस को ...और पढ़ें

आरोपितों से बरामद अधबने सिक्के। जागरण
HighLights
बरामद रजिस्टरों और दस्तावेजों से जुड़े नेटवर्क की पड़ताल में जुटी पुलिस
पकड़े गए नकली सिक्के असली से वजन में हल्के पाए गए।
पुलिस को मिले रजिस्टरों से गिरोह के नेटवर्क का खुलासा होगा।
जागरण संवाददाता, सहारनपुर। नकली सिक्के तैयार कर उन्हें बाजार में खपाने की कोशिश में जुटा गिरोह आठ ग्राम का सिक्का तैयार कर रहा था। जबकि असली सिक्के का वजन 10 से 12 ग्राम के बीच होता है।
कार्रवाई के दौरान पुलिस को आरोपितों के पास से नकली सिक्के बनाने से जुड़ी सामग्री के साथ कई रजिस्टर भी मिले हैं। इन रजिस्टरों को पुलिस ने जांच का अहम आधार बनाया है। माना जा रहा है कि इनमें नकली सिक्कों के निर्माण, लेन-देन और उन्हें बाजार में खपाने वाले लोगों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दर्ज हो सकती है।
नगर कोतवाली पुलिस व स्वाट टीम ने सोमवार को 20 रुपये के नकली सिक्के बनाने वाले गिरोह का राजफाश किया था। पूछताछ में आरोपितों ने बताया था कि वह सिक्कों के चलाने के लिए बाजार में आ रहे थे।
इस दौरान उनकी कार से बेसहारा पशु टकरा गया था। जिस कारण वह कार को साइड में लगाकर अपने अन्य साथियों का इंतजार कर रहे थे। इस बीच बाजार में जाम लग गया। जिस कारण पुलिस कार को हटवाने के लिए पहुंची और कार की तलाशी ली तो पूरा मामला सामने आया। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में गिरोह के संगठित तरीके से काम करने के संकेत मिले हैं।
आरोपितों से पूछताछ के साथ बरामद रजिस्टरों और अन्य दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह में शामिल कुछ सदस्य अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
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पुलिस फरार तीन आरोपितों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। साथ ही गिरफ्तार आरोपितों से मिली जानकारी के आधार पर गिरोह के अन्य संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है।
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एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि बरामद रजिस्टर जांच में अहम कड़ी साबित हो सकते हैं। इनमें दर्ज नाम, मोबाइल नंबर, रकम और लेन-देन से संबंधित विवरण की जांच कर संदिग्धों की पहचान की जा रही है। यदि रजिस्टरों में दर्ज जानकारी की पुष्टि होती है तो नकली सिक्के तैयार करने और उन्हें खपाने वाले पूरे नेटवर्क तक पहुंचने में पुलिस को मदद मिल सकती है।
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फिलहाल पुलिस आरोपितों से पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के जरिए गिरोह के संचालन से जुड़े प्रत्येक पहलू को खंगाल रही है। फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद नकली सिक्कों के इस नेटवर्क से जुड़े और भी नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
