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17.29 करोड़ रुपये के नकली नोट मामले में NIA सहारनपुर में कर रही गहन जांच, लोकल नेटवर्क और फंडिंग कनेक्शन पर पैनी नजर

By Deepak Prajapati Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Mon, 14 Sep 2026 06:10 PM (IST)

राष्ट्रीय जांच एजेंसी सहारनपुर में PNB करेंसी चेस्ट से मिले 17.29 करोड़ रुपये के नकली नोटों के नेटवर्क की गहन ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक फोटो

प्रतीकात्मक फोटो

HighLights

  1. 17.29 करोड़ रुपये के नकली नोट PNB चेस्ट में मिले थे।

  2. अभी तक फरार आरोपितों का कोई ठोस सुराग हाथ नहीं 

जागरण संवाददाता, सहारनपुर। पीएनबी की करेंसी चेस्ट में मिले 17 करोड़ 29 लाख रुपये के नकली नोटों के नेटवर्क से जुड़े मामले की जांच अब और गहराती जा रही है।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीम सहारनपुर में ही रहकर प्रकरण से जुड़े तथ्यों और संदिग्ध गतिविधियों की पड़ताल कर रही है। जांच एजेंसी की प्राथमिकता फरार चल रहे आरोपितों तक पहुंचने के साथ-साथ नकली नोटों के नेटवर्क की पूरी कड़ी को सामने लाना बताई जा रही है।

घंटाघर के सोफिया मार्केट स्थित पीएनबी की करेंसी चेस्ट में मिले नकली नोटों के मामले में जांच एनआइए की टीम कर रही है। जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, मामले में सामने आए आरोपितों और उनके संभावित संपर्कों की जानकारी जुटाई जा रही है। फरार आरोपितों की तलाश में संभावित ठिकानों पर निगरानी के साथ उनके संपर्कों और आवाजाही से जुड़े इनपुट भी खंगाले जा रहे हैं।

हालांकि अभी तक फरार आरोपितों का कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग पाया है। जांच एजेंसी इस बात पर भी फोकस कर रही है कि नकली नोटों का नेटवर्क केवल कुछ लोगों तक सीमित था या इसके पीछे कोई बड़ा स्थानीय अथवा अंतरराज्यीय संपर्क मौजूद है। नकली नोटों की आपूर्ति कहां से होती थी, इन्हें बाजार में खपाने का तरीका क्या था और इस पूरे खेल में किन लोगों की भूमिका रही इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं।

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जांच के दौरान संदिग्धों के आपसी संपर्क, लेनदेन और संभावित नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। एजेंसी यह भी देख रही है कि नकली नोटों के कारोबार से हासिल रकम का इस्तेमाल कहां और किस उद्देश्य से किया गया। वहीं मामले में फरार आरोपित जांच एजेंसी के लिए सबसे बड़ी चुनौती बने हुए हैं।

संभावित ठिकानों पर तलाश के बावजूद अभी तक कोई निर्णायक सफलता नहीं मिलने की बात सामने आ रही है। ऐसे में आरोपितों के संपर्क में रहे लोगों से पूछताछ और उपलब्ध तकनीकी एवं दस्तावेजी साक्ष्यों की पड़ताल महत्वपूर्ण हो गई है। स्थानीय पुलिस के द्वारा एनआइए टीम को हर सुविधा मुहैया कराई जा रही है।