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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 27, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

राहुल गांधी के आज सहारनपुर दौरे को लेकर टकराव की आशंका

By Dharmendra PandeyEdited By:
Published: Sat, 27 May 2017 09:09 AM (IST)Updated: Sat, 27 May 2017 09:27 PM (IST)

शब्बीरपुर में किसी नेता के प्रवेश पर रोक के बावजूद कांग्रेस सांसद पीएल पुनिया व कांग्रेस जिला अध्यक्ष शशि वालिया ...और पढ़ें

राहुल गांधी के आज सहारनपुर दौरे को लेकर टकराव की आशंका
राहुल गांधी के आज सहारनपुर दौरे को लेकर टकराव की आशंका

सहारनपुर(जेएनएन)। कांग्रेसी नेताओं के तमाम दावों के बावजूद प्रशासन ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को शब्बीरपुर गांव नहीं जाने दिया। आखिरकार ढाबे पर पीडि़तों से मुलाकात और मीडिया से बात कर वहीं से वापस लौटना पड़ा। यहां उन्होंने सहारनपुर की ङ्क्षहसा को योगी सरकार के पक्षपातपूर्ण रवैये की देन बताते हुए कहा कि उप्र में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है। पूरे देश में कमजोर तबका डरा हुआ है और दलितों का उत्पीडऩ किया जा रहा है।
हरियाणा सीमा पारकर आधा किमी पैदल चलकर सहारनपुर की धरती पर आए राहुल को आगे नहीं बढऩे दिया गया। इसे लेकर उनकी अफसरों से नोकझोंक भी हुई। शब्बीरपुर गांव जाने की उनकी जिद प्रशासन ने पूरी नहीं होने दी। अंतत: पास के एक ढाबे पर बैठकर राहुल गांधी ने पीडि़तों से मुलाकात की। राहुल गांधी काफिले के साथ करनाल होते हुए यमुनानगर के रास्ते यहां तक पहुंचे थे। सहारनपुर में उन्हें प्रवेश करने से रोकने के लिए खुद गृह सचिव मणिप्रसाद मिश्रा और एडीजी कानून व्यवस्था आदित्य मिश्रा, एडीजी मेरठ जोन आनंद कुमार, डीएम प्रमोद कुमार पांडेय, एसएसपी बबलू कुमार भारी पुलिस बल के साथ पहले ही से फोर्स के साथ पहुंच गए थे। रोकने पर राहुल गांधी की डीएम व एसएसपी से तीखी नोकझोंक भी हुई।


उधर पत्रकारों से बातचीत में राहुल गांधी ने शासन-प्रशासन पर हिटलरशाही बताते हुए कहा कि शब्बीरपुर के जिन पीडि़तों से मैं मिला उन्होंने प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाया है। उप्र में कानून-व्यवस्था के नाम पर भाजपा सत्तासीन हुई, लेकिन प्रदेश के हर शहर में ताबड़तोड़ अपराध हो रहे हैं। प्रदेश सरकार गरीबों को दबाने का काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर ङ्क्षहसा की आग में जल रहा है। इसका फायदा पाकिस्तान को हो रहा है। मोदी सरकार ङ्क्षहसा रोक पाने में विफल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जम्मू-कश्मीर में देशद्रोही शक्तियों को शह दे रहे हैं।
उधर शुक्रवार की देर रात राहुल गांधी के दिल्ली में अपने आवास पर नहीं होने की सूचना और मोटर साइकिल या अन्य किसी वाहन से शब्बीरपुर पहुंचने की सूचना पर पुलिस ने जनपद और शब्बीरपुर की ओर जाने वाले सभी छोटे-बड़े मार्गों की नाकेबंदी कर दी। पूरी रात वाहनों का तलाशी अभियान चलाया गया।


ध्यान रहे शासन कई दिन पहले शब्बीरपुर गांव में नेताओं के प्रवेश पर रोक लगा चुका है। राहुल के कार्यक्रम के लिए कांग्रेस ने अनुमति मांगी थी लेकिन प्रशासन ने मायावती के दौरे से सबक लेते हुए माहौल फिर से बिगडऩे की आशंका के मद्देनजर जिले में प्रवेश की अनुमति नहीं दी।
एक किमी पैदल आए और गए
राहुल गांधी यमुना पुल से आधा किमी पैदल चलकर सहारनपुर के ढाबे तक आए और वापस भी पैदल ही गए। उनके साथ राजबब्बर व गुलाम नबी आजाद समेत हरियाणा व उप्र के कई नेता थे।

इसके लिए उन्होंने सरसावा एयरपोर्ट स्टेशन पर उनके हेलीकाप्टर के उतरने की एयरफोर्स से अनुमति ले ली है।

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इसके बाद जिला अस्पताल में भर्ती शब्बीरपुर के दोनों पक्षों के पीडि़तों से मिलेंगे। शाम तीन बजे सर्किट हाऊस आएंगे और इसके बाद शब्बीरपुर जाएंगे। प्रशासन ने अनुमति नहीं दी है, लेकिन राहुल शब्बीरपुर जरूर जाएंगे।

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एसएसपी बबलू कुमार का कहना है राहुल गांधी के आगमन की अनुमति मांगी गई थी। सहारनपुर संवेदनशील होने के कारण सरसावा एयरपोर्ट पर आने की भी अनुमति नहीं दी गई है।

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एसपीजी के कमांडो आए थे, हमने उन्हें भी मना कर दिया है।

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